रायगढ़। रायगढ़ पुलिस ने शहर में संचालित अनैतिक देह व्यापार के खिलाफ बड़ी कार्रवाई करते हुए दो स्थानों पर एक साथ छापेमारी कर देह व्यापार के अड्डों का भंडाफोड़ किया है। साइबर थाना, कोतवाली और जूटमिल थाना पुलिस की संयुक्त कार्रवाई में दो महिलाओं समेत चार आरोपियों को गिरफ्तार किया गया, जबकि दो नाबालिग बालिकाओं को मुक्त कराया गया।
पुलिस के अनुसार, पहली कार्रवाई कोतवाली थाना क्षेत्र के लालटंकी दानीपारा स्थित एक मकान में की गई। सूचना के सत्यापन के लिए पुलिस ने पहले एक पाइंटर ग्राहक को भेजा। पूर्व निर्धारित संकेत मिलने के बाद सीएसपी और साइबर डीएसपी उन्नति ठाकुर के नेतृत्व में संयुक्त टीम ने छापा मारा। मौके से मकान संचालिका लक्ष्मी शर्मा (46) और ग्राहक ऋषभ शर्मा (24) को गिरफ्तार किया गया। तलाशी के दौरान दो नाबालिग बालिकाएं, नकदी, मोबाइल फोन और अन्य आपत्तिजनक सामग्री बरामद की गई।
पूछताछ में पुलिस के अनुसार, लक्ष्मी शर्मा ने स्वीकार किया कि वह पिछले एक-दो वर्षों से लड़कियों को बुलाकर अपने मकान में देह व्यापार संचालित कर रही थी। इस मामले में आरोपियों के खिलाफ अनैतिक देह व्यापार (निवारण) अधिनियम, 1956 की धाराओं 3, 4 और 5 तथा पॉक्सो एक्ट की धारा 14 के तहत मामला दर्ज किया गया है।
दूसरी कार्रवाई मिट्ठूमुड़ा दुर्गा चौक में की गई। साइबर थाना और जूटमिल पुलिस की टीम ने मुखबिर की सूचना पर सुनीता मेहर (48) के मकान में दबिश दी। यहां भी पाइंटर ग्राहक भेजने के बाद छापेमारी की गई, जहां सुनीता मेहर और अभय सिंह (42) को संदिग्ध अवस्था में गिरफ्तार किया गया। पुलिस ने मौके से आपत्तिजनक सामग्री बरामद की। पूछताछ में वहां मौजूद अन्य महिलाओं ने बताया कि वे सुनीता मेहर के बुलावे पर वहां आई थीं।
दोनों मामलों में गिरफ्तार आरोपियों को न्यायिक रिमांड पर भेज दिया गया है। वहीं, लालटंकी से मुक्त कराई गई दोनों नाबालिग बालिकाओं की काउंसलिंग कराने के बाद आवश्यक प्रक्रिया पूरी कर उन्हें उनके परिजनों के सुपुर्द कर दिया गया।
रायगढ़ के वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक शशिमोहन सिंह ने कहा कि महिलाओं और बच्चों के शोषण से जुड़े अपराधों के खिलाफ अभियान लगातार जारी रहेगा। उन्होंने स्पष्ट किया कि अनैतिक देह व्यापार में शामिल किसी भी व्यक्ति या गिरोह को बख्शा नहीं जाएगा तथा लोगों से ऐसे मामलों की सूचना तत्काल पुलिस को देने की अपील की।





