September 4, 2026

रायगढ़ में ठेका कंपनी SKA पर मजदूरों के गंभीर आरोप, कलेक्टर ने गठित की 5 सदस्यीय जांच टीम

धरमजयगढ़। रायगढ़ जिले के छाल क्षेत्र की खुली खदान में ठेका कंपनी SKA (सुनील कुमार अग्रवाल) के खिलाफ मजदूरों की शिकायतों को जिला प्रशासन ने गंभीरता से लिया है। श्रमिकों की ओर से 9 सूत्रीय शिकायत मिलने के बाद कलेक्टर एवं जिला दंडाधिकारी मयंक चतुर्वेदी ने मामले की जांच के लिए 5 सदस्यीय संयुक्त जांच दल गठित किया है।

कलेक्टर कार्यालय से जारी आदेश के अनुसार जांच केवल छाल की लात खुली खदान तक सीमित नहीं रहेगी। रायगढ़ जिले की अन्य खदानों में काम कर रही ठेका कंपनियों द्वारा श्रम कानूनों, न्यूनतम मजदूरी और औद्योगिक सुरक्षा मानकों के पालन की भी जांच की जाएगी।

8 घंटे की जगह 12 घंटे काम कराने का आरोप

एसईसीएल छाल क्षेत्र की खुली खदान सिम-3 विस्तार में काम कर रहे मजदूरों ने ठेका कंपनी SKA के खिलाफ कई गंभीर आरोप लगाए हैं। श्रमिकों का कहना है कि उनसे निर्धारित 8 घंटे के बजाय करीब 12 घंटे प्रतिदिन काम कराया जा रहा है।

इसके अलावा महीने में 30 से 31 दिन तक लगातार काम कराने और साप्ताहिक अवकाश नहीं देने का भी आरोप लगाया गया है।

HPC दर का लाभ नहीं देने की शिकायत

श्रमिकों ने वेतन में कथित विसंगति की शिकायत करते हुए कहा है कि एसईसीएल की ओर से बजट जारी होने के बावजूद उन्हें निर्धारित हाई पावर कमेटी (HPC) दर का लाभ नहीं मिल रहा है।

शिकायत में यह भी आरोप लगाया गया है कि घर से आने-जाने वाले कर्मचारियों के वेतन से कमरे और भोजन के नाम पर कथित तौर पर 6 हजार रुपये तक की कटौती की जा रही है।

पे-स्लिप और सेफ्टी किट नहीं मिलने का आरोप

मजदूरों ने पे-स्लिप, सेफ्टी किट और बोनस जैसी सुविधाएं नहीं मिलने का भी आरोप लगाया है। श्रमिकों के मुताबिक वेतन भुगतान में पारदर्शिता नहीं बरती जा रही है।

वहीं, अपने अधिकारों और समस्याओं को लेकर आवाज उठाने वाले श्रमिकों को कथित तौर पर नौकरी से निकालने की धमकी दिए जाने की शिकायत भी प्रशासन से की गई है।

5 सदस्यीय जांच दल करेगा जांच

कलेक्टर के आदेश पर गठित 5 सदस्यीय संयुक्त जांच दल की अध्यक्षता डिप्टी कलेक्टर शिल्पा भगत करेंगी। टीम में सहायक श्रम आयुक्त घनश्याम पाणिग्राही, उप संचालक औद्योगिक स्वास्थ्य एवं सुरक्षा राहुल पटेल, खनिज अधिकारी रमाकांत सोनी और संबंधित क्षेत्र के तहसीलदार को सदस्य बनाया गया है।

दस्तावेजों का होगा भौतिक सत्यापन

जांच दल को तत्काल कार्यस्थल का दौरा करने के निर्देश दिए गए हैं। टीम कंपनी के मस्टर रोल, वेतन भुगतान पंजी और HPC दरों के क्रियान्वयन से जुड़े दस्तावेजों का भौतिक सत्यापन करेगी।

इसके साथ ही शिकायत करने वाले श्रमिकों और ठेका कंपनी के प्रबंधन के विस्तृत बयान भी दर्ज किए जाएंगे।

जिले की अन्य खदानों में भी होगा औचक निरीक्षण

प्रशासन ने जांच का दायरा बढ़ाते हुए रायगढ़ जिले की अन्य खदानों को भी इसमें शामिल किया है। जांच दल एसईसीएल छाल क्षेत्र के साथ अन्य खदानों का सघन और औचक निरीक्षण करेगा।

इस दौरान यह जांचा जाएगा कि ठेका कंपनियां श्रम कानूनों, न्यूनतम मजदूरी और औद्योगिक सुरक्षा मानकों का पालन कर रही हैं या नहीं। कथित वेतन कटौती और HPC दरों के भुगतान की भी जांच की जाएगी।

5 दिन में कार्रवाई नहीं हुई तो काम बंद करने की चेतावनी

श्रमिकों ने प्रशासन को चेतावनी दी है कि यदि 5 दिनों के भीतर निष्पक्ष जांच और उचित कार्रवाई नहीं की गई तो छाल उपक्षेत्र में काम पूरी तरह बंद कर दिया जाएगा।

प्रशासन ने औद्योगिक शांति, श्रमिकों के वैधानिक अधिकारों और कानून-व्यवस्था को ध्यान में रखते हुए जांच के आदेश दिए हैं।

7 दिन में देनी होगी जांच रिपोर्ट

कलेक्टर के 11 अगस्त 2026 के आदेश के मुताबिक संयुक्त जांच दल को लात खदान सहित जिले की अन्य खदानों की स्थिति की जांच कर 7 दिनों के भीतर स्पष्ट अनुशंसा के साथ अपनी रिपोर्ट कलेक्टर कार्यालय में प्रस्तुत करनी होगी।

जांच रिपोर्ट के आधार पर आगे की कार्रवाई की जाएगी। आदेश तत्काल प्रभाव से लागू कर दिया गया है।