July 26, 2026

26 साल पुराने हाउसिंग लोन घोटाले में कार्रवाई, EOW ने दो फरार आरोपियों को किया गिरफ्तार

26 साल पुराने घोटाले में बड़ी कार्रवाई
रायपुर। राजधानी रायपुर में 26 साल पुराने गृह निर्माण ऋण गबन मामले में आर्थिक अपराध अन्वेषण ब्यूरो (EOW) ने बड़ी कार्रवाई करते हुए दो फरार आरोपियों को गिरफ्तार किया है।

दोनों आरोपी पुलिस रिमांड पर
रायपुर। गिरफ्तार आरोपियों में आधुनिक गृह निर्माण सहकारी समिति के तत्कालीन अध्यक्ष थावरदास माधवानी और सहकारी आवास संघ के तत्कालीन आवास पर्यवेक्षक बसंत कुमार साहू शामिल हैं। दोनों को कोर्ट में पेश करने के बाद 25 मार्च तक पुलिस रिमांड पर भेज दिया गया है।

1995-98 के बीच हुआ था घोटाला
रायपुर। दर्ज मामले के अनुसार वर्ष 1995 से 1998 के बीच सरकारी आवासीय योजना के नाम पर बड़ा घोटाला किया गया। जांच में पाया गया कि 186 लोगों के नाम पर 1-1 लाख रुपये का ऋण स्वीकृत कर कुल 1 करोड़ 86 लाख रुपये जारी किए गए।

जमीन पर नहीं मिले मकान
रायपुर। जांच के दौरान रायपुरा और पंडरीकांचा क्षेत्र में जिन मकानों का निर्माण दिखाया गया था, वहां न तो मकान मिले और न ही लाभार्थी मौजूद पाए गए। इससे स्पष्ट हुआ कि पूरा मामला फर्जीवाड़े पर आधारित था।

फर्जी दस्तावेजों से किया गबन
रायपुर। आरोपियों ने कूटरचित दस्तावेज तैयार कर फर्जी प्रमाण पत्र लगाए और बिना किसी वास्तविक जांच के ऋण स्वीकृत करवा लिया। बाद में उपयोगिता प्रमाण पत्र भी जारी कर दिए गए।

अन्य आरोपी हो चुके हैं दिवंगत
रायपुर। इस मामले के दो अन्य आरोपी पहले ही दिवंगत हो चुके हैं, जिससे जांच और जटिल हो गई है। EOW के अनुसार गिरफ्तार आरोपी लंबे समय से फरार थे और नोटिस के बावजूद सामने नहीं आ रहे थे।

जांच जारी, पुराने मामलों पर फोकस
रायपुर। आर्थिक अपराध अन्वेषण ब्यूरो इस मामले की गहराई से जांच कर रहा है और लंबे समय से लंबित मामलों को प्राथमिकता के आधार पर निपटाने की प्रक्रिया भी जारी है।