रायपुर। राजधानी रायपुर में एक ओर जहां पुलिस और नगर निगम संयुक्त अभियान चलाकर सड़कों, पार्किंग भवनों और व्यावसायिक परिसरों के बाहर से ठेला-गुमटी समेत अवैध कब्जे हटाने में जुटे हैं, वहीं दूसरी ओर लावारिस पड़ी गाड़ियां शहर की यातायात और विकास व्यवस्था में बड़ी बाधा बनती जा रही हैं। कलेक्टोरेट के सामने स्थित मल्टीलेवल पार्किंग से लेकर शहर के कई प्रमुख मार्गों पर खड़ी ये गाड़ियां सड़क नवीनीकरण कार्य में भी रुकावट पैदा कर रही हैं।
नवीनीकरण कार्य अधूरा छोड़ना पड़ा
सुभाष स्टेडियम और शालेम स्कूल के बीच की सड़क खराब होने के कारण नगर निगम द्वारा इसका नवीनीकरण कराया गया। हालांकि सड़क किनारे खड़ी कंडम हालत की एक कार के कारण करीब 15 मीटर चौड़ी और 20 मीटर लंबी सड़क का हिस्सा बिना नवीनीकरण के छोड़ना पड़ा। जबकि कार को हटाकर यहां भी काम पूरा किया जा सकता था।
मल्टीलेवल पार्किंग में महीनों से खड़ी लावारिस गाड़ियां
कलेक्टोरेट के सामने करोड़ों रुपये की लागत से बनी 6 लेयर मल्टीलेवल पार्किंग में करीब दर्जनभर फोर व्हीलर कई महीनों से लावारिस हालत में खड़ी हैं। इनमें कुछ वाहन सरकारी बताए जा रहे हैं। गाड़ियों पर जमी मोटी धूल की परत इस बात की गवाही दे रही है कि इन्हें लंबे समय से नहीं हटाया गया। इसके चलते पार्किंग में स्पेस की भारी कमी हो रही है।
सर्विस रोड और ऑफिस पार्किंग भी प्रभावित
राजेंद्रनगर अंडरब्रिज से लेकर भाठागांव ओवरब्रिज तक सर्विस रोड के दोनों ओर भी कई महीनों से लावारिस कारें खड़ी हैं, जिनमें अधिकतर ट्रेवल्स और ऑटो सर्विसिंग सेंटर की बताई जा रही हैं।
इसके अलावा डीकेएस हॉस्पिटल और तहसील कार्यालय की पार्किंग में भी कंडम गाड़ियां लंबे समय से खड़ी हैं, जिससे आम लोगों को वाहन पार्क करने में परेशानी हो रही है। मजबूरी में लोग सड़क पर वाहन खड़े कर रहे हैं, जिससे जाम की स्थिति बन रही है।
शहरवासियों का कहना है कि जब अवैध ठेलों और कब्जों पर कार्रवाई की जा रही है, तो लावारिस और कंडम गाड़ियों पर भी सख्त कदम उठाए जाने चाहिए, ताकि यातायात और विकास कार्य सुचारु रूप से चल सकें





