बालको मेडिकल सेंटर (बीएमसी) ने मध्य भारत के पहले निजी अस्पताल के रूप में दा विंची Xi रोबोटिक सर्जरी सिस्टम स्थापित कर चिकित्सा क्षेत्र में बड़ी उपलब्धि हासिल की है। इस तकनीक के शुरू होने से अब छत्तीसगढ़ और आसपास के राज्यों के कैंसर मरीजों को जटिल सर्जरी के लिए दिल्ली, मुंबई या हैदराबाद जाने की जरूरत नहीं पड़ेगी।

वेदांता मेडिकल रिसर्च फाउंडेशन की इस पहल के तहत शुरू की गई रोबोटिक सर्जरी तकनीक से मरीजों को छोटे चीरे, कम रक्तस्राव, कम दर्द और तेज रिकवरी जैसे कई फायदे मिलेंगे।
दा विंची Xi सिस्टम एक उन्नत रोबोटिक सर्जिकल तकनीक है, जिसमें सर्जन कंसोल पर बैठकर हाई-डेफिनिशन 3D विजन और रोबोटिक आर्म्स की मदद से सर्जरी करते हैं। यह तकनीक मानव कलाई से ज्यादा लचीलापन प्रदान करती है और कंपन को नियंत्रित कर बेहद सटीक सर्जरी संभव बनाती है।

इससे प्रोस्टेट, गैस्ट्रोइंटेस्टाइनल, हेड एंड नेक, ब्रेस्ट और स्त्री रोग से जुड़े जटिल कैंसर ऑपरेशन अधिक सुरक्षित और प्रभावी हो सकेंगे।
लॉन्च के अवसर पर बीएमसी के हेड सर्जिकल ऑन्कोलॉजी डॉ. दिवाकर पांडेय ने बताया कि संस्थान में हर साल 3000 से अधिक जटिल सर्जरी की जाती हैं और नई तकनीक से सर्जरी की गुणवत्ता और बेहतर होगी।
वहीं मेडिकल डायरेक्टर डॉ. भावना सिरोही ने कहा कि यह पहल बीएमसी को कैंसर उपचार के क्षेत्र में उत्कृष्टता केंद्र के रूप में स्थापित करने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम है।

भारत एल्युमिनियम कंपनी लिमिटेड के सीईओ राजेश कुमार ने कहा कि इस तकनीक से मरीजों को अपने ही क्षेत्र में बेहतर इलाज मिलेगा, जिससे यात्रा और इलाज की लागत दोनों कम होंगी।
बीएमसी, नया रायपुर स्थित 170-बेड का तृतीयक कैंसर अस्पताल है, जिसने अब तक 12,000 से अधिक जटिल सर्जरी और 66,000 से ज्यादा मरीजों का इलाज किया है।





