May 15, 2026

भूपेश बघेल का केंद्र पर हमला, महिला आरक्षण बिल और परिसीमन पर उठाए सवाल

रायपुर। महिला आरक्षण बिल को लेकर पूर्व मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने प्रेसवार्ता में केंद्र सरकार और भाजपा पर तीखा हमला बोला। उन्होंने कहा कि यह अधिनियम सर्वसम्मति से पारित होने के बावजूद अब तक लागू नहीं किया गया और इसे जानबूझकर लंबित रखा गया है।

बघेल ने आरोप लगाया कि केंद्र द्वारा लाया गया संशोधन वास्तविक महिला आरक्षण बिल नहीं है, बल्कि परिसीमन से जुड़ा प्रस्ताव है। उन्होंने कहा कि 2023 में पारित बिल में स्पष्ट प्रावधान था कि पहले जनगणना और फिर परिसीमन किया जाएगा, लेकिन अब तक जनगणना नहीं कराई गई है।

पूर्व मुख्यमंत्री ने दावा किया कि जिस महिला आरक्षण विधेयक का श्रेय भाजपा ले रही है, वह वास्तव में सितंबर 2023 में सर्वसम्मति से पारित हो चुका था। उनके अनुसार, मौजूदा संशोधन के जरिए परिसीमन का मुद्दा थोपने की कोशिश की जा रही है, जिससे SC, ST और OBC वर्ग के प्रतिनिधित्व और आरक्षण अधिकार प्रभावित हो सकते हैं।

बघेल ने सवाल उठाया कि जब कई राज्यों में अन्य प्रक्रियाएं लागू की जा सकती हैं, तो जनगणना में देरी क्यों हो रही है। उन्होंने आरोप लगाया कि इसके पीछे छोटे राज्यों और महिलाओं के अधिकारों को सीमित करने की मंशा हो सकती है। साथ ही कहा कि परिसीमन के बाद बड़े राज्यों को अधिक सीटों का लाभ मिलेगा, जबकि छत्तीसगढ़ और मध्यप्रदेश जैसे राज्यों को नुकसान हो सकता है।

पूर्व मुख्यमंत्री ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के संबोधन पर भी सवाल उठाए और कहा कि चुनाव के दौरान इस तरह के संबोधन राजनीतिक प्रचार जैसे प्रतीत होते हैं। उन्होंने भाजपा, जनसंघ, RSS और विहिप पर भी निशाना साधते हुए आरोप लगाया कि इन संगठनों ने महिलाओं को नेतृत्व में आगे बढ़ाने में कभी गंभीरता नहीं दिखाई।

बघेल ने यह भी कहा कि महिलाओं को आरक्षण देने की पहल कांग्रेस ने की थी और 1989 से इस दिशा में प्रयास जारी रहे हैं। उन्होंने आरोप लगाया कि जब-जब महिला आरक्षण का मुद्दा आया, भाजपा ने उसका विरोध किया।