रायपुर। बलरामपुर जिले के कुसमी में एसडीएम द्वारा कथित मारपीट के बाद आदिवासी किसान की मौत का मामला अब राजनीतिक रंग ले चुका है। पूर्व मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने घटना को लेकर राज्य सरकार पर तीखा हमला बोला है और इसे प्रदेश में गिरती कानून-व्यवस्था का उदाहरण बताया है।
पंजाब दौरे से लौटने के बाद मीडिया से चर्चा करते हुए भूपेश बघेल ने कहा कि प्रदेश में कानून-व्यवस्था की स्थिति बेहद खराब है। उन्होंने आरोप लगाया कि प्रशासन के लोग ही हत्या करने लगे हैं और सरकार के विभागों के अधिकारी निरंकुश हो गए हैं। उन्होंने कहा कि एक वृद्ध आदिवासी को पीट-पीटकर मार डाला गया, जो बेहद गंभीर मामला है।
होली के दौरान शराब दुकानों के खुले रहने के मुद्दे पर भी पूर्व मुख्यमंत्री ने सरकार पर तंज कसा। उन्होंने कहा कि सरकार को तीज-त्योहारों से कोई सरोकार नहीं है और उसे केवल राजस्व से मतलब है। होली जैसे पर्व पर शराब दुकानें खोलना लोगों की भावनाओं की अनदेखी है।
वहीं बिरनपुर हिंसा मामले में 17 आरोपियों के दोषमुक्त होने पर उन्होंने कहा कि अपराध तो हुआ है, लेकिन अदालत में पुलिस और वकील किस तरह से पक्ष रखते हैं, यह महत्वपूर्ण होता है। सभी आरोपियों के बरी हो जाने का मतलब यह नहीं है कि हत्या नहीं हुई। उन्होंने कहा कि अदालत में प्रभावी पैरवी अहम भूमिका निभाती है।





