रायपुर। मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने मुख्यमंत्री निवास कार्यालय में सुशासन तिहार 2026 के अंतर्गत बालोद और मोहला-मानपुर-अंबागढ़ चौकी जिलों में चल रहे विकास कार्यों और जनकल्याणकारी योजनाओं की विस्तृत समीक्षा की।
बैठक में कलेक्टरों, पुलिस अधीक्षकों और वरिष्ठ अधिकारियों के साथ राजस्व, कृषि, स्वास्थ्य, शिक्षा, कानून-व्यवस्था और विभिन्न विभागीय योजनाओं की प्रगति का आकलन किया गया। मुख्यमंत्री ने कहा कि सुशासन तिहार केवल प्रशासनिक अभियान नहीं, बल्कि सरकार और जनता के बीच विश्वास को मजबूत करने का माध्यम है।
उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिए कि सभी लंबित राजस्व प्रकरणों—जैसे नामांतरण, बंटवारा और सीमांकन—का तेजी से निराकरण किया जाए, ताकि आम नागरिकों को अनावश्यक परेशानियों का सामना न करना पड़े। साथ ही प्रधानमंत्री स्वामित्व योजना के तहत राजस्व अभिलेखों के अद्यतन कार्य में भी तेजी लाने को कहा गया।
आवास योजनाओं की समीक्षा के दौरान मुख्यमंत्री ने प्रधानमंत्री आवास योजना के तहत निर्माण कार्यों को वर्षा ऋतु से पहले पूरा करने और श्रमिकों के प्रशिक्षण को बढ़ाने पर जोर दिया। वहीं ऊर्जा क्षेत्र में प्रधानमंत्री सूर्यघर मुफ्त बिजली योजना के तहत 2027 तक पांच लाख सौर संयंत्र लगाने का लक्ष्य बताया गया, जिस पर जनजागरूकता अभियान तेज करने के निर्देश दिए गए।
कृषि क्षेत्र में उन्होंने किसानों को खाद-बीज की निर्बाध आपूर्ति सुनिश्चित करने और नैनो उर्वरकों के उपयोग को बढ़ावा देने पर बल दिया। प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि और एग्रीस्टैक पंजीयन को प्राथमिकता से पूरा करने के निर्देश भी दिए गए।
महिला सशक्तिकरण पर चर्चा करते हुए मुख्यमंत्री ने बिहान योजना के तहत स्वयं सहायता समूहों को और मजबूत करने तथा रेडी-टू-ईट निर्माण में उनकी भागीदारी बढ़ाने को कहा। साथ ही आंगनबाड़ी केंद्रों और कुपोषण उन्मूलन कार्यक्रमों की समीक्षा भी की गई।
स्वास्थ्य सेवाओं में बरसात से पहले तैयारियों, आवश्यक दवाओं की उपलब्धता और मौसमी बीमारियों की रोकथाम पर विशेष ध्यान देने के निर्देश दिए गए। सड़क सुरक्षा के तहत हेलमेट उपयोग और जनजागरूकता अभियान को लगातार जारी रखने को कहा गया।
मुख्यमंत्री ने कहा कि ई-ऑफिस, ई-डिस्ट्रिक्ट और डिजिटल सेवाओं के जरिए नागरिक सेवाओं को और सरल बनाया जा रहा है, जिससे लोगों को घर बैठे सरकारी सुविधाओं का लाभ मिल सके।
बैठक में तेंदूपत्ता संग्रहण, खनिज राजस्व, पेयजल आपूर्ति और ग्रामीण सड़कों की स्थिति की भी समीक्षा की गई। मुख्यमंत्री ने स्पष्ट किया कि सरकार की प्राथमिकता अंतिम व्यक्ति तक योजनाओं का लाभ पहुंचाना है।





