पंडित जवाहरलाल नेहरू स्मृति चिकित्सा महाविद्यालय और डॉ. भीमराव अम्बेडकर स्मृति चिकित्सालय की टीम ने समय पर सर्जरी कर सबक्लेवियन आर्टरी क्षतिग्रस्त युवक का हाथ और जीवन दोनों बचाए।

रायपुर, 10 फरवरी 2026: पंडित जवाहरलाल नेहरू स्मृति चिकित्सा महाविद्यालय एवं डॉ. भीमराव अम्बेडकर स्मृति चिकित्सालय (मेकाहारा) की हार्ट-चेस्ट एवं वैस्कुलर सर्जरी टीम ने एक जटिल और जानलेवा मामला सफलतापूर्वक सुलझाया। डॉक्टरों ने इलेक्ट्रिक रिक्शा चालक द्वारा कंधे पर चाकू से किए गए हमले में घायल 34 वर्षीय युवक का हाथ कटने से बचाया।
डॉ. कृष्णकांत साहू के नेतृत्व में सर्जरी टीम ने सबक्लेवियन आर्टरी की गंभीर क्षति को जोड़ते हुए कॉलर बोन को काटकर धमनी तक पहुंच बनाई। ऑपरेशन के दौरान लगभग 5 यूनिट रक्त चढ़ाया गया और 4 घंटे की मेहनत के बाद हाथ में रक्त प्रवाह बहाल किया गया। कॉलर बोन को प्लेट के माध्यम से पुनः जोड़ा गया, और तंत्रिका तंत्र सुरक्षित रखा गया।
डॉ. साहू ने बताया कि यदि समय पर उपचार नहीं हुआ होता, तो मरीज का हाथ कटने की संभावना थी। इस सर्जरी में ऑर्थोपेडिक सर्जन, एनेस्थेटिस्ट, जूनियर डॉक्टर और नर्सिंग स्टाफ की समन्वित टीम ने अहम भूमिका निभाई।
सफल ऑपरेशन के बाद मरीज अब पूरी तरह स्वस्थ है और अपने कार्यस्थल पर लौट चुका है। डॉ. विवेक चौधरी, डीन, नेहरू चिकित्सा महाविद्यालय ने कहा कि यह सफलता समय पर सही निर्णय और विशेषज्ञ चिकित्सा की शक्ति को दर्शाती है।
अधीक्षक डॉ. संतोष सोनकर ने भी बताया कि सरकारी अस्पतालों में उच्चस्तरीय जीवन रक्षक उपचार सुविधा उपलब्ध होने का यह स्पष्ट उदाहरण है।





