रायपुर। राजधानी रायपुर में कानून-व्यवस्था को और अधिक मजबूत बनाने के उद्देश्य से कमिश्नरेट पुलिस ने मध्य जोन के विभिन्न थाना क्षेत्रों में होटल, लॉज, गेस्ट हाउस और धर्मशालाओं में विशेष सघन जांच अभियान चलाया। अभियान के दौरान कुल 89 ठहराव स्थलों का निरीक्षण कर आगंतुकों का सत्यापन, सुरक्षा व्यवस्थाओं और रिकॉर्ड की गहन जांच की गई।
89 ठहराव स्थलों की हुई जांच
पुलिस उपायुक्त (मध्य जोन) तारकेश्वर पटेल के निर्देश और अतिरिक्त पुलिस उपायुक्त (मध्य जोन) विवेक शुक्ला के पर्यवेक्षण में यह अभियान कोतवाली, गोलबाजार, गंज, मौदहापारा, सिविल लाइंस, देवेंद्र नगर और तेलीबांधा थाना क्षेत्रों में चलाया गया।
अभियान के तहत 81 होटल, 7 लॉज और 1 धर्मशाला सहित कुल 89 ठहराव स्थलों की जांच की गई। पुलिस टीमों ने होटल और लॉज में ठहरे लोगों का भौतिक सत्यापन किया तथा पहचान पत्र, होटल रजिस्टर, ऑनलाइन बुकिंग रिकॉर्ड, सीसीटीवी कैमरों की कार्यशीलता और अन्य सुरक्षा व्यवस्थाओं का निरीक्षण किया।
होटल संचालकों को दिए सख्त निर्देश
निरीक्षण के दौरान होटल संचालकों को बिना वैध पहचान पत्र के किसी भी व्यक्ति को कमरा उपलब्ध नहीं कराने और सभी आगंतुकों का रिकॉर्ड नियमित रूप से अपडेट रखने के निर्देश दिए गए।
इसके अलावा 68 होटल संचालकों को “समाधान” एप की जानकारी देकर संदिग्ध व्यक्तियों या गतिविधियों की सूचना तत्काल पुलिस तक पहुंचाने के लिए प्रेरित किया गया।
17 संदिग्धों का सत्यापन, 9 होटलों में मिली खामियां
अभियान के दौरान पुलिस ने 17 संदिग्ध व्यक्तियों का सत्यापन किया। वहीं 9 होटल संचालकों के यहां सीसीटीवी व्यवस्था और रजिस्टर संधारण में कमियां मिलने पर उन्हें तत्काल सुधार के निर्देश दिए गए।
पुलिस ने सभी संचालकों को सीसीटीवी कैमरे लगातार चालू रखने, रिकॉर्डिंग सुरक्षित रखने, कर्मचारियों का पुलिस सत्यापन कराने तथा किसी भी संदिग्ध गतिविधि की सूचना तुरंत पुलिस को देने के निर्देश दिए। साथ ही नियमों के उल्लंघन पर वैधानिक कार्रवाई की चेतावनी भी दी गई।
अपराध नियंत्रण के लिए जारी रहेगा अभियान
कमिश्नरेट पुलिस के अनुसार, इस विशेष अभियान का उद्देश्य फरार एवं संदिग्ध अपराधियों की पहचान, असामाजिक तत्वों पर प्रभावी निगरानी, अपराधों की रोकथाम तथा आम नागरिकों की सुरक्षा सुनिश्चित करना है। पुलिस ने स्पष्ट किया कि भविष्य में भी इस तरह के सघन जांच अभियान नियमित रूप से चलाए जाएंगे।





