रायपुर। राजधानी रायपुर में एण्टी क्राइम एण्ड साइबर यूनिट और टिकरापारा थाना पुलिस की संयुक्त टीम ने साइबर ठगी से जुड़े एक बड़े गिरोह का पर्दाफाश करते हुए तीन आरोपियों को गिरफ्तार किया है। आरोपियों ने साइबर ठगी से प्राप्त रकम का इस्तेमाल कर दो ज्वेलर्स से सोने के सिक्के खरीदे और बाद में संबंधित यूपीआई भुगतान बैंक द्वारा फ्रीज होने पर धोखाधड़ी का मामला सामने आया। पुलिस ने आरोपियों के कब्जे से करीब 12 ग्राम सोने के सिक्के, जिनकी कीमत लगभग 1.80 लाख रुपये है, जब्त किए हैं।
दो ज्वेलर्स को बनाया निशाना
पुलिस के मुताबिक, 18 जुलाई को दो आरोपी टिकरापारा स्थित श्री ओम शांति ज्वेलर्स पहुंचे और 99,900 रुपये का 7 ग्राम सोने का सिक्का खरीदा। भुगतान JAGDAMBA TC नाम की यूपीआई आईडी के जरिए किया गया। हालांकि 20 जुलाई को बैंक ने यह राशि साइबर ठगी से जुड़ी होने के कारण फ्रीज कर दी। इसके बाद ज्वेलर्स ने पुलिस में शिकायत दर्ज कराई।
इसी तरह 17 जुलाई को आरोपियों ने अजय ज्वेलर्स से सोने का सिक्का खरीदा और उसी यूपीआई आईडी से भुगतान किया। बाद में 1,99,440 रुपये की भुगतान राशि भी विवादित पाई गई और बैंक ने उसे फ्रीज कर दिया। इसके बाद दूसरे ज्वेलर्स ने भी टिकरापारा थाने में शिकायत दर्ज कराई।
तकनीकी जांच में हुआ खुलासा
दोनों शिकायतों के आधार पर टिकरापारा पुलिस ने अलग-अलग प्रकरण दर्ज कर जांच शुरू की। वरिष्ठ अधिकारियों के निर्देशन में एण्टी क्राइम एण्ड साइबर यूनिट और थाना पुलिस की संयुक्त टीम ने मोबाइल नंबर, यूपीआई आईडी, बैंक खातों और ऑनलाइन ट्रांजेक्शन का तकनीकी विश्लेषण किया।
जांच में सामने आया कि आरोपी साइबर ठगी से प्राप्त रकम का उपयोग सोने-चांदी के आभूषण और सिक्के खरीदने में कर रहे थे, ताकि अवैध राशि को वैध संपत्ति में बदला जा सके।
तीन आरोपी गिरफ्तार
मुखबिर से मिली सूचना के आधार पर पुलिस ने तीनों आरोपियों मनजीत मंडल (निवासी कांकेर), शाहिल नेताम और आयुष साहू (दोनों निवासी रायपुर) को गिरफ्तार कर लिया। आरोपियों के कब्जे से 12 ग्राम सोने के सिक्के बरामद किए गए हैं, जिनकी अनुमानित कीमत करीब 1.80 लाख रुपये बताई गई है।
फिलहाल पुलिस आरोपियों से पूछताछ कर साइबर ठगी के नेटवर्क, अन्य वारदातों और इस गिरोह से जुड़े अन्य लोगों की भूमिका की जांच कर रही है।





