रायपुर। एंटी क्राइम एंड साइबर यूनिट तथा डीडी नगर थाना पुलिस ने साइबर ठगी के एक बड़े मामले का खुलासा करते हुए झारखंड से दो अंतर्राज्यीय आरोपियों को गिरफ्तार किया है। आरोपियों ने फर्जी टेक्स्ट मैसेज भेजकर एक चार्टर्ड अकाउंटेंट का मोबाइल हैक किया और उनके बैंक खातों से 3.94 लाख रुपये की ऑनलाइन ठगी कर ली थी। पुलिस ने आरोपियों के कब्जे से मोबाइल फोन, चेकबुक और नगद राशि जब्त की है।
फर्जी मैसेज से मोबाइल किया हैक
पुलिस के अनुसार, डीडी नगर स्थित कंचनगंगा फेस-2 निवासी चार्टर्ड अकाउंटेंट विष्णु दत्त बघेल ने शिकायत दर्ज कराई थी कि 8 नवंबर 2025 को उनके मोबाइल नंबर पर कई संदिग्ध टेक्स्ट मैसेज आए। मैसेज खोलने के बाद उनके मोबाइल की सुरक्षा से समझौता हो गया और कुछ ही देर में उनके यूको बैंक तथा एक्सिस बैंक खातों से लगातार ऑनलाइन ट्रांजेक्शन होने लगे।
दो दिन में खाते से उड़ाए 3.94 लाख रुपये
शिकायतकर्ता ने बताया कि 8 नवंबर से 10 नवंबर 2025 के बीच उनके बैंक खातों से कुल 3 लाख 94 हजार रुपये की अनधिकृत निकासी कर ली गई। मामले में थाना डीडी नगर में अज्ञात आरोपियों के खिलाफ अपराध क्रमांक 186/26 के तहत भारतीय न्याय संहिता (BNS) की धारा 318(4) और आईटी एक्ट की धारा 66(डी) के तहत मामला दर्ज किया गया।
तकनीकी जांच से झारखंड तक पहुंची पुलिस
वरिष्ठ पुलिस अधिकारियों के निर्देश पर एंटी क्राइम एंड साइबर यूनिट और डीडी नगर थाना पुलिस की संयुक्त टीम ने बैंकिंग ट्रांजेक्शन, तकनीकी विश्लेषण और इलेक्ट्रॉनिक साक्ष्यों के आधार पर आरोपियों की लोकेशन ट्रेस की। जांच के दौरान पुलिस टीम झारखंड के बोकारो पहुंची, जहां से विशाल कुमार सिंह और महेश प्रसाद सिंह को गिरफ्तार किया गया।
पूछताछ में किया बड़ा खुलासा
पूछताछ में आरोपियों ने स्वीकार किया कि उन्होंने अपने अन्य साथियों के साथ मिलकर फर्जी टेक्स्ट मैसेज भेजे, जिनके जरिए पीड़ित का मोबाइल हैक किया गया। इसके बाद बैंक खातों तक अनधिकृत पहुंच बनाकर ऑनलाइन ट्रांजेक्शन के माध्यम से साइबर ठगी की वारदात को अंजाम दिया गया।
मोबाइल, चेकबुक और नकदी जब्त
पुलिस ने आरोपियों के कब्जे से दो मोबाइल फोन, एक चेकबुक और 2,000 रुपये नगद जब्त किए हैं। मामले में शामिल अन्य फरार आरोपियों की तलाश जारी है। पुलिस गिरफ्तार आरोपियों से पूछताछ कर उनके बैंक खातों, मोबाइल नंबरों, डिजिटल उपकरणों और सोशल मीडिया आईडी की जांच कर रही है, ताकि पूरे साइबर ठगी नेटवर्क का खुलासा किया जा सके।





