रायपुर: राजधानी रायपुर स्थित जिला शिक्षा अधिकारी (DEO) कार्यालय में आग लगने की घटना के बाद बड़ा विवाद खड़ा हो गया है। आग के बाद पूरी बिल्डिंग को तोड़ दिया गया, जिस पर छत्तीसगढ़ प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष दीपक बैज ने गंभीर आरोप लगाए हैं। उन्होंने इसे पूर्व नियोजित षड्यंत्र बताया है।
🧯 आगजनी के बाद तोड़ी गई बिल्डिंग
दीपक बैज ने कहा कि कार्यालय में आग जानबूझकर लगाई गई है। जिन दस्तावेजों में आग लगी, उनमें बड़ी संख्या में वित्तीय फाइलें और नियुक्ति से जुड़ी फाइलें शामिल थीं।
उनका आरोप है कि जांच शुरू होने से पहले ही बिल्डिंग को तोड़ देना यह दर्शाता है कि भ्रष्टाचार को छुपाने की कोशिश की जा रही है।
📂 जली फाइलों में वित्तीय और नियुक्ति रिकॉर्ड
- वित्तीय लेन-देन से जुड़ी फाइलें
- शिक्षक नियुक्ति से संबंधित दस्तावेज
- प्रशासनिक रिकॉर्ड
- बजट और भुगतान संबंधी फाइलें
दीपक बैज ने कहा कि यदि सरकार पारदर्शी है तो पहले जांच होती, फिर कार्रवाई होती। लेकिन सीधे भवन तोड़ना संदेह को और गहरा करता है।
🗣️ डिनर डिप्लोमेसी पर भी साधा निशाना
मीडिया से चर्चा में दीपक बैज ने दिल्ली में सांसद बृजमोहन अग्रवाल के घर हुई कथित डिनर डिप्लोमेसी पर भी टिप्पणी की।
उन्होंने कहा कि बृजमोहन अग्रवाल भाजपा के वरिष्ठ नेता हैं और लगातार सरकार की गलत नीतियों, भ्रष्टाचार और जम्बूरी घोटाले जैसे मुद्दे उठाते रहे हैं। ऐसे में दिल्ली में नेताओं का एक साथ भोजन करना किसी नई राजनीतिक रणनीति और चाल की तैयारी का संकेत देता है।
इस दौरान कांग्रेस संचार प्रमुख सुशील आनंद शुक्ला भी मौजूद रहे।
📌 कांग्रेस का आरोप – सबूत मिटाने की कोशिश
कांग्रेस का कहना है कि आगजनी और फिर भवन तोड़ना, दोनों ही कदम यह दर्शाते हैं कि शिक्षा विभाग में हुए कथित घोटालों के सबूत खत्म किए जा रहे हैं।
अब मांग की जा रही है कि मामले की स्वतंत्र और उच्च स्तरीय जांच कराई जाए।





