March 4, 2026

निरंतर डायलिसिस सेवाओं से किडनी मरीजों को राहत, देवभोग में 10 दिनों में 95 सत्र

रायपुर, 19 फरवरी 2026।
प्रदेश में स्वास्थ्य सेवाओं के सुदृढ़ीकरण के प्रयास अब ग्रामीण अंचलों में भी सकारात्मक परिणाम दे रहे हैं। विशेष रूप से किडनी रोग से जूझ रहे मरीजों के लिए संचालित निःशुल्क डायलिसिस सुविधा उपचार का महत्वपूर्ण आधार बनकर उभर रही है।

Gariaband जिले के देवभोग क्षेत्र में किडनी रोग लंबे समय से एक गंभीर चुनौती रहा है। ऐसे में Community Health Center Devbhog में नियमित रूप से संचालित डायलिसिस सेवाओं से मरीजों को बड़ी राहत मिली है। अब उन्हें उपचार के लिए बड़े शहरों का रुख नहीं करना पड़ रहा है।

10 दिनों में 95 डायलिसिस सत्र

स्वास्थ्य विभाग से मिली जानकारी के अनुसार, बीते 10 दिनों में देवभोग के सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र में कुल 95 डायलिसिस सत्र आयोजित किए गए। औसतन प्रतिदिन लगभग 10 मरीजों को डायलिसिस की सुविधा दी जा रही है। इससे मरीजों को समय पर उपचार और नियमित चिकित्सकीय निगरानी मिल रही है।

ग्रामीण क्षेत्रों में सुलभ हुआ उपचार

डायलिसिस किडनी रोगियों के लिए जीवनरक्षक प्रक्रिया है, जिसे नियमित रूप से कराना आवश्यक होता है। प्रदेश सरकार द्वारा अस्पतालों में निःशुल्क डायलिसिस सुविधा उपलब्ध कराए जाने से आर्थिक रूप से कमजोर वर्ग के मरीजों को बड़ा संबल मिला है। ग्रामीण और दूरस्थ क्षेत्रों में रहने वाले मरीजों के लिए यह व्यवस्था बेहद राहतकारी साबित हो रही है।

उपचार से आगे की पहल

प्रदेश स्तर पर डायलिसिस सेवाओं के विस्तार, आवश्यक उपकरणों की उपलब्धता और चिकित्सा दल की सक्रियता से उपचार व्यवस्था अधिक प्रभावी हुई है। स्वास्थ्य विभाग अब मरीजों की समय पर पहचान, नियमित जांच और सतत उपचार पर भी विशेष ध्यान दे रहा है।

देवभोग में 10 दिनों के भीतर किए गए 95 डायलिसिस सत्र इस बात का संकेत हैं कि ग्रामीण क्षेत्रों में स्वास्थ्य सेवाओं को मजबूत करने की दिशा में निरंतर प्रयास जारी हैं। निःशुल्क डायलिसिस योजना न केवल मरीजों के लिए राहत बनी है, बल्कि स्वास्थ्य सुविधाओं की पहुंच को भी सशक्त कर रही है।