March 4, 2026

रायपुर: ‘डिजिटल अरेस्ट’ के नाम पर 17.15 लाख की ठगी, RTO एजेंट परिवार सहित 24 घंटे रहा वीडियो कॉल पर

रायपुर। राजधानी रायपुर में साइबर अपराधियों ने एक बार फिर ‘डिजिटल अरेस्ट’ का झांसा देकर बड़ी ठगी की वारदात को अंजाम दिया है। आरोपियों ने खुद को मुंबई एटीएस का अधिकारी बताकर टिकरापारा निवासी एक आरटीओ एजेंट और उसके परिवार को 24 घंटे तक वीडियो कॉल पर डिजिटल निगरानी में रखा और 17 लाख 15 हजार रुपए ट्रांसफर करा लिए। पीड़ित की शिकायत पर पुलिस ने अज्ञात आरोपियों के खिलाफ धोखाधड़ी का मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है।

ऐसे दिया वारदात को अंजाम

जानकारी के मुताबिक, आरटीओ एजेंट शरद कुमार तिवारी को एक अज्ञात नंबर से कॉल आया। कॉल करने वाले ने खुद को मुंबई एटीएस का अधिकारी बताते हुए कहा कि उनके आधार और बैंक खाते का इस्तेमाल मनी लॉन्ड्रिंग जैसे गंभीर अपराध में हुआ है। गिरफ्तारी से बचने और जांच में सहयोग के नाम पर उन्हें लगातार वीडियो कॉल पर बने रहने के निर्देश दिए गए।

आरोपियों ने डराते हुए कहा कि सहयोग नहीं करने पर तत्काल गिरफ्तारी की जाएगी। इसके बाद पीड़ित और उनके परिवार को 24 घंटे तक डिजिटल अरेस्ट में रखा गया। इस दौरान बैंक खातों की जानकारी लेकर अलग-अलग किस्तों में कुल 17 लाख 15 हजार रुपए ट्रांसफर करा लिए गए।

परिवार पर भी बनाया मानसिक दबाव

साइबर ठगों ने परिवार के अन्य सदस्यों को भी वीडियो कॉल में शामिल कर मानसिक दबाव बनाया। उन्हें किसी से संपर्क न करने और घर से बाहर न निकलने की चेतावनी दी गई। लगातार धमकी और निगरानी के कारण परिवार घबराहट में आरोपियों के निर्देशों का पालन करता रहा।

शिकायत के बाद मामला दर्ज

ठगी का अहसास होने पर शरद कुमार तिवारी ने टिकरापारा थाने में शिकायत दर्ज कराई। पुलिस ने अज्ञात आरोपियों के खिलाफ धोखाधड़ी और आईटी एक्ट की धाराओं में अपराध पंजीबद्ध कर जांच शुरू कर दी है। बैंक खातों और कॉल डिटेल के आधार पर आरोपियों की तलाश की जा रही है।

पुलिस की अपील

पुलिस ने नागरिकों से अपील की है कि किसी भी अज्ञात कॉल पर खुद को पुलिस, सीबीआई, एटीएस या किसी केंद्रीय एजेंसी का अधिकारी बताने वाले व्यक्तियों से सावधान रहें। किसी भी जांच एजेंसी द्वारा फोन या वीडियो कॉल के माध्यम से ‘डिजिटल अरेस्ट’ नहीं किया जाता और न ही बैंक खातों की जानकारी मांगी जाती है। किसी भी संदिग्ध कॉल की सूचना तत्काल साइबर हेल्पलाइन 1930 या नजदीकी थाने में दें।