March 4, 2026

रायपुर: डिजिटल किसान किताब का शुभारंभ, अब भुंइया पोर्टल पर मिलेगी भूमि की पूरी जानकारी

रायपुर। छत्तीसगढ़ में डिजिटल शासन की दिशा में एक महत्वपूर्ण पहल करते हुए राजस्व मंत्री टंकराम वर्मा ने अपने निवास कार्यालय में डिजिटल किसान किताब का औपचारिक शुभारंभ किया। यह पहल राज्य के किसानों और भूमिधारकों को आधुनिक, सरल और त्वरित राजस्व सेवाएं उपलब्ध कराने की दिशा में अहम कदम मानी जा रही है।

डिजिटल किसान किताब अब पारंपरिक मैन्युअल किसान किताब का स्थान लेगी। इसके माध्यम से किसान अपनी भूमि संबंधी जानकारी कभी भी और कहीं से भी ऑनलाइन प्राप्त कर सकेंगे। यह सुविधा भुंइया पोर्टल पर B-1 एवं P-II रिपोर्ट के साथ उपलब्ध रहेगी, जिसे किसान आसानी से देख और डाउनलोड कर सकेंगे।

नई डिजिटल प्रणाली में भूमि संबंधी आवश्यक विवरण स्वतः अपडेट होते रहेंगे, जिससे संशोधन के लिए राजस्व कार्यालयों के चक्कर लगाने की आवश्यकता समाप्त होगी। साथ ही संबंधित पटवारी द्वारा डिजिटल हस्ताक्षरित प्रमाणित प्रति उपलब्ध होने से दस्तावेजों की वैधता और पारदर्शिता सुनिश्चित होगी।

इस अवसर पर मंत्री वर्मा ने कहा कि डिजिटल ऋण पुस्तिका केवल तकनीकी नवाचार नहीं, बल्कि राजस्व व्यवस्था को पारदर्शी, सशक्त और नागरिक-केंद्रित बनाने की दिशा में ठोस कदम है। उन्होंने कहा कि छत्तीसगढ़ कृषि प्रधान राज्य है, जहां बड़ी संख्या में किसान अपनी आजीविका के लिए भूमि पर निर्भर हैं। अब ऋण पुस्तिका से संबंधित जानकारी ऑनलाइन और वास्तविक समय में उपलब्ध होने से किसानों को बैंक ऋण, फसल ऋण एवं शासकीय योजनाओं का लाभ लेने में सुविधा होगी।

उन्होंने बताया कि डिजिटल प्रणाली से त्रुटियों में कमी आएगी, अभिलेखों की शुद्धता सुनिश्चित होगी और प्रशासनिक प्रक्रिया अधिक सरल एवं प्रभावी बनेगी। यह पहल “डिजिटल छत्तीसगढ़” की अवधारणा को मजबूती देगी और शासन एवं नागरिकों के बीच विश्वास को सुदृढ़ बनाएगी।

मंत्री ने राजस्व विभाग, NIC तथा परियोजना से जुड़े अधिकारियों और तकनीकी टीम को बधाई देते हुए नागरिकों से इस डिजिटल सुविधा का अधिकतम उपयोग करने की अपील की।

छत्तीसगढ़ भू-अभिलेख नियमावली का विमोचन

कार्यक्रम के दौरान उमेश कुमार पटेल और श्रीकांत वर्मा द्वारा लिखित “छत्तीसगढ़ भू-अभिलेख नियमावली” भाग 1 से 4 का भी विमोचन किया गया। इस अवसर पर संचालक भू-अभिलेख विनीत नंदनवार सहित विभागीय अधिकारी और कर्मचारी उपस्थित रहे।