July 31, 2026

रायपुर में फर्जी केंद्रीय अधिकारी गिरफ्तार, नौकरी-ट्रांसफर के नाम पर लाखों की ठगी का खुलासा

रायपुर। राजधानी रायपुर में खुद को केंद्र सरकार का अधिकारी बताकर सरकारी नौकरी, ट्रांसफर और पोस्टिंग दिलाने के नाम पर लाखों रुपये की ठगी करने वाले एक शातिर आरोपी को पुलिस ने गिरफ्तार किया है। आरोपी फर्जी पहचान-पत्र, एडिटेड फोटो और सरकारी रौब का इस्तेमाल कर लोगों का विश्वास जीतता था। पुलिस ने उसके कब्जे से फर्जी आईडी कार्ड, दस्तावेज, लैपटॉप, मोबाइल फोन, सिम कार्ड, नकदी और ‘भारत सरकार’ अंकित कार जब्त की है।

पुलिस के अनुसार, प्रार्थी गुरु नारायण की शिकायत पर थाना सिविल लाइन में आरोपी रजनीश कुमार राय उर्फ छोटू राय के खिलाफ भारतीय न्याय संहिता (बीएनएस) की विभिन्न धाराओं के तहत मामला दर्ज किया गया। शिकायतकर्ता ने बताया कि करीब दो वर्ष पहले ट्रेन में हुई मुलाकात के दौरान आरोपी ने खुद को स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण मंत्रालय में सहायक आयुक्त बताया था। उसने ऊंची पहुंच का दावा करते हुए मनचाही जगह ट्रांसफर और पोस्टिंग कराने के नाम पर 5 लाख रुपये लिए। बाद में अलग-अलग विभागों के फर्जी पहचान-पत्र दिखाने पर शिकायतकर्ता को संदेह हुआ और उसने पुलिस में शिकायत दर्ज कराई।

जांच में खुलासा हुआ कि आरोपी एडिटेड तस्वीरों के माध्यम से खुद को केंद्रीय मंत्रालयों के अधिकारियों और वीआईपी लोगों के साथ दिखाकर लोगों का भरोसा जीतता था। इसके बाद सरकारी नौकरी, ट्रांसफर, पोस्टिंग और अन्य शासकीय कार्य कराने का झांसा देकर लोगों से लाखों रुपये की ठगी करता था। पूछताछ में आरोपी ने स्वीकार किया कि उसने छत्तीसगढ़ और बिहार के कई लोगों से नौकरी दिलाने के नाम पर बड़ी रकम वसूली। ठगी से मिले पैसों से उसने महंगे मोबाइल, लैपटॉप और अन्य सामान खरीदे तथा लग्जरी शॉपिंग की।

पुलिस ने बताया कि आरोपी ने अपनी कार पर ‘भारत सरकार’ लिखवा रखा था, ताकि लोगों पर प्रभाव डाल सके। उसके कब्जे से फर्जी पहचान-पत्र, महत्वपूर्ण दस्तावेज, मोबाइल फोन, लैपटॉप, तीन सिम कार्ड, फर्जी सिम, क्रेडिट कार्ड संबंधी दस्तावेज, नकद राशि और घटना में प्रयुक्त कार जब्त की गई है।

फिलहाल पुलिस ने आरोपी रजनीश कुमार राय (29 वर्ष), निवासी राजपुर नौरंग रायकेडेरा, बिहार (हाल पता-अमलेश्वर) को रिमांड पर लेकर उसके इलेक्ट्रॉनिक उपकरणों और दस्तावेजों की जांच शुरू कर दी है। पुलिस को आशंका है कि पूछताछ में ठगी के कई और मामलों का खुलासा हो सकता है। यह कार्रवाई एंटी क्राइम एंड साइबर यूनिट, थाना सिविल लाइन और थाना तेलीबांधा पुलिस की संयुक्त टीम ने वरिष्ठ अधिकारियों के निर्देशन में की है।