May 14, 2026

Raipur में फर्जी नौकरी का बड़ा घोटाला: 34 लोगों से 1.5 करोड़ की ठगी, शिक्षक समेत 2 आरोपी गिरफ्तार

रायपुर:
छत्तीसगढ़ की राजधानी Raipur में सरकारी नौकरी दिलाने के नाम पर बड़ी ठगी का मामला सामने आया है। रायपुर ग्रामीण पुलिस ने 34 लोगों को फर्जी नियुक्ति पत्र देकर करीब 1.5 करोड़ रुपए ठगने वाले दो आरोपियों को गिरफ्तार किया है।

गिरफ्तार आरोपियों में राजेश शर्मा (सरकारी शिक्षक) और मनोज कुमार श्रीवास्तव (निजी स्कूल में क्लर्क) शामिल हैं। दोनों ने मिलकर सामान्य प्रशासन विभाग, छत्तीसगढ़ शासन के नाम से फर्जी नियुक्ति आदेश तैयार कर लोगों को नौकरी का झांसा दिया।

फर्जी आदेश से किया खेल
मामले की शुरुआत तब हुई जब प्रार्थी राजपाल बघेल ने 24 अप्रैल को राखी थाना में शिकायत दर्ज कराई। शिकायत में बताया गया कि 5 मार्च का एक फर्जी आदेश सोशल मीडिया (व्हाट्सएप) पर वायरल किया जा रहा था, जिसमें कई विभागों—परिवहन, राजस्व, वन, पंचायत एवं स्कूल शिक्षा—में नियुक्ति की अनुशंसा दिखाई गई थी।

इस फर्जी आदेश में सचिव और उप सचिव के डिजिटल हस्ताक्षरों का भी दुरुपयोग किया गया था, जिससे यह असली जैसा प्रतीत हो रहा था।

पुलिस की कार्रवाई और खुलासा
मामले की गंभीरता को देखते हुए पुलिस ने विशेष टीम गठित कर तकनीकी साक्ष्यों के आधार पर जांच शुरू की। जांच के दौरान आरोपी राजेश शर्मा की लोकेशन Dongargarh में मिली, जहां से उसे गिरफ्तार किया गया। पूछताछ में उसने बताया कि कर्ज चुकाने के लिए उसने यह ठगी की साजिश रची थी और अपने साथी मनोज को भी इसमें शामिल किया।

दोनों आरोपियों ने कंप्यूटर की मदद से फर्जी नियुक्ति पत्र तैयार कर व्हाट्सएप के जरिए प्रसारित किए और लोगों से पैसे वसूले।

जांच में सामने आए और तथ्य
जांच में यह भी पता चला कि आरोपियों ने भिलाई की एक महिला से 1.90 लाख रुपए लिए थे, जिसे बाद में लौटा दिया गया। शिकायत सामने आने के बाद आरोपियों ने फर्जी आदेश का प्रसार बंद कर दिया था।

पुलिस ने दोनों आरोपियों को गिरफ्तार कर उनके कब्जे से कंप्यूटर और प्रिंटर जब्त किए हैं। उनके खिलाफ भारतीय न्याय संहिता की विभिन्न धाराओं के साथ आईटी एक्ट की धारा 66(D) के तहत कार्रवाई की जा रही है।