March 4, 2026

रायपुर के हिस्ट्रीशीटर रोहित तोमर फिर गिरफ्तार, 2019 के मामले में था स्थायी वारंट

रायपुर। राजधानी के चर्चित हिस्ट्रीशीटर रोहित तोमर को कोतवाली पुलिस ने एक बार फिर गिरफ्तार कर लिया है। यह कार्रवाई वर्ष 2019 के एक पुराने प्रकरण में कोर्ट से जारी स्थायी वारंट के आधार पर की गई। गिरफ्तारी के बाद उसे अदालत में पेश कर जेल भेज दिया गया है।

दो दर्जन से अधिक गंभीर मामले दर्ज

रोहित तोमर और उसके भाई वीरेंद्र तोमर के खिलाफ राजधानी में मारपीट, वसूली, दुष्कर्म और हत्या जैसे करीब दो दर्जन गंभीर अपराध दर्ज हैं। वर्ष 2013 के हत्या प्रकरण में दोनों भाइयों की हाईकोर्ट में दायर रिव्यू पिटीशन पहले ही खारिज हो चुकी है।

लगातार मिल रही सूदखोरी की शिकायतों के आधार पर रायपुर पुलिस ने दोनों के खिलाफ आठ अलग-अलग मामले दर्ज किए थे। इस दौरान दोनों फरार हो गए थे। बाद में पुलिस ने वीरेंद्र तोमर को गिरफ्तार कर लिया, जबकि रोहित तोमर पर 5,000 रुपये का इनाम घोषित किया गया था। हालांकि, बाद में उसे सुप्रीम कोर्ट से जमानत मिल गई थी।

पेशी में गैरहाजिरी पर जारी हुआ वारंट

कोतवाली थाने में वर्ष 2019 में रोहित तोमर के खिलाफ धारा 327, 384 और 506 के तहत मामला दर्ज किया गया था। यह मामला जान से मारने की धमकी, मारपीट और प्रताड़ना से जुड़ा था। पेशी में लगातार गैरहाजिर रहने पर अदालत ने उसके खिलाफ स्थायी वारंट जारी किया था।

पुलिस ने की कार्रवाई

डीसीपी उमेश गुप्ता ने वारंट की समीक्षा की। एसीपी दीपक मिश्रा के मार्गदर्शन में कोतवाली पुलिस ने कार्रवाई करते हुए रोहित तोमर को गिरफ्तार किया। वारंट की तामीली के बाद उसे अदालत में पेश किया गया, जहां से न्यायालय के आदेश पर उसे पुनः जेल भेज दिया गया।

रायपुर पुलिस ने स्पष्ट किया है कि किसी भी आरोपी को अपराध करने की छूट नहीं दी जाएगी और हिस्ट्रीशीटरों के खिलाफ सख्त कार्रवाई आगे भी जारी रहेगी।