रायपुर। राजधानी रायपुर के पुलिस परेड ग्राउंड में स्वतंत्रता दिवस समारोह पूरे हर्षोल्लास और गरिमा के साथ मनाया गया। मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने सुबह 9 बजे ध्वजारोहण कर परेड की सलामी ली। इसके बाद उन्होंने प्रदेश की जनता के नाम अपना संदेश भी दिया। समारोह में विभिन्न सुरक्षा बलों और पुलिस की 17 प्लाटूनों ने भव्य मार्च पास्ट कर देशभक्ति का जज्बा दिखाया।
मार्च पास्ट का नेतृत्व भारतीय पुलिस सेवा के अधिकारी विमल कुमार पाठक ने किया, जबकि परेड के टूआईसी निशांत गौरव कुर्रे रहे। इस बार बिहार पुलिस की टुकड़ी को आमंत्रित वर्ग में परेड में शामिल किया गया। परेड में BSF, CRPF, ITBP, CISF, SSB, छत्तीसगढ़ सशस्त्र बल, छत्तीसगढ़ पुलिस, जेल पुलिस, नगर सेना, NCC, बैंड प्लाटून, घुड़सवार दल और डॉग स्क्वॉड ने हिस्सा लिया। महिला बैगपाइपर बैंड दल ने भी आकर्षक प्रस्तुति दी।
केंद्रीय बलों में ITBP अव्वल
स्वतंत्रता दिवस परेड में उत्कृष्ट प्रदर्शन करने वाले दलों को मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने सम्मानित किया। केंद्रीय बलों के वर्ग में भारत-तिब्बत सीमा पुलिस (ITBP) की टुकड़ी ने पहला स्थान हासिल किया। विजेता ITBP दल को 5 हजार रुपए नकद और ट्रॉफी प्रदान की गई।
वहीं BSF की टुकड़ी दूसरे और CRPF की टुकड़ी तीसरे स्थान पर रही। BSF को 3 हजार रुपए और CRPF को 2 हजार रुपए नकद राशि के साथ ट्रॉफी देकर सम्मानित किया गया।
राज्य बलों में छत्तीसगढ़ सशस्त्र बल महिला दल प्रथम
राज्य बलों के वर्ग में छत्तीसगढ़ सशस्त्र बल (महिला) की टुकड़ी ने पहला स्थान हासिल किया। विजेता दल को 5 हजार रुपए नकद और ट्रॉफी प्रदान की गई।
छत्तीसगढ़ जेल पुलिस का दल दूसरे स्थान पर रहा, जिसे 3 हजार रुपए और ट्रॉफी दी गई। वहीं छत्तीसगढ़ सशस्त्र बल (पुरुष) ने तीसरा स्थान प्राप्त किया। दल को 2 हजार रुपए नकद और ट्रॉफी से सम्मानित किया गया।
NCC गर्ल्स ने मारी बाजी
कंटीजेंट NCC वर्ग में NCC गर्ल्स ने पहला स्थान हासिल किया, जबकि NCC बॉयज दूसरे स्थान पर रहे। मुख्यमंत्री ने दोनों दलों के कमांडरों को ट्रॉफी प्रदान कर उनका उत्साहवर्धन किया।
समारोह के दौरान परेड टूआईसी निशांत गौरव कुर्रे, परेड कमांडर विमल कुमार पाठक, महिला बैगपाइपर दल की कमांडर सोनबती ठाकुर, घुड़सवार दल के कमांडर अनिल यादव और श्वान दल के कमांडर राज कपूर को भी सम्मानित किया गया।
इसके अलावा परेड आयोजन एवं प्रस्तुति में योगदान के लिए डॉ. अनुराधा दुबे और मनीष परमानंद को प्रशस्ति पत्र प्रदान किया गया।





