July 29, 2026

जल जीवन मिशन पर बड़ा फोकस: मुख्य सचिव विकासशील ने पेयजल गुणवत्ता, नियमित आपूर्ति और डिजिटल मॉनिटरिंग के दिए सख्त निर्देश

रायपुर। मंत्रालय (महानदी भवन) में मुख्य सचिव विकासशील की अध्यक्षता में ‘राज्य जल एवं स्वच्छता मिशन’ की अपेक्स कमेटी की महत्वपूर्ण बैठक आयोजित की गई। बैठक में जल जीवन मिशन के तहत प्रदेश में नियमित पेयजल आपूर्ति और जल की गुणवत्ता सुनिश्चित करने पर विशेष जोर दिया गया।

मुख्य सचिव ने अधिकारियों को निर्देश दिए कि ग्रामीण क्षेत्रों में स्थापित जल टंकियों और नल-जल योजनाओं के माध्यम से घर-घर तक नियमित और शुद्ध पेयजल की आपूर्ति सुनिश्चित की जाए। उन्होंने कहा कि केवल बुनियादी ढांचा तैयार करना पर्याप्त नहीं है, बल्कि उसकी सतत निगरानी और संचालन व्यवस्था मजबूत होना आवश्यक है।

बैठक में जल जीवन मिशन 2.0 के क्रियान्वयन, पीएम जनमन कार्यक्रम के तहत पीवीटीजी बसाहटों में पेयजल व्यवस्था, जल संरक्षण, जनभागीदारी और ‘सुजलम भारत’ डिजिटल प्लेटफॉर्म के उपयोग सहित कई महत्वपूर्ण विषयों पर चर्चा हुई। इसके साथ ही भू-जल के विवेकपूर्ण उपयोग और जल स्रोतों की सुरक्षा पर भी विचार-विमर्श किया गया।

मुख्य सचिव ने स्पष्ट निर्देश दिए कि नल-जल योजनाओं के संचालन और रखरखाव की जिम्मेदारी ग्राम पंचायतों को दी गई है, जिसमें महिलाओं की सक्रिय भागीदारी सुनिश्चित की जाए। उन्होंने कहा कि योजनाओं की प्रभावी मॉनिटरिंग की जिम्मेदारी जिला कलेक्टरों की होगी।

उन्होंने वित्तीय पारदर्शिता बनाए रखने पर भी जोर देते हुए कहा कि केंद्र से प्राप्त फंड का उपयोग केवल स्वीकृत कार्यों में ही किया जाए। साथ ही जल आपूर्ति प्रणाली की रियल टाइम निगरानी के लिए डिजिटल प्लेटफॉर्म और ऐप्स के उपयोग के निर्देश भी दिए गए।

बैठक में अधिकारियों ने जानकारी दी कि राज्य में सिंगल विलेज स्कीम के तहत हजारों योजनाएं संचालित हैं, जबकि दूरस्थ क्षेत्रों में बल्क वॉटर स्कीम के माध्यम से पेयजल आपूर्ति सुनिश्चित की जा रही है। इसके अलावा पीएम जनमन कार्यक्रम के तहत विशेष रूप से पीवीटीजी बसाहटों में पेयजल व्यवस्था पर भी कार्य प्रगति पर है।

बैठक में विभिन्न विभागों के वरिष्ठ अधिकारी और केंद्र सरकार के जल शक्ति मंत्रालय के प्रतिनिधि भी शामिल हुए।