July 25, 2026

एक साल बाद विधानसभा पहुंचे कवासी लखमा, सख्त शर्तों के साथ सत्र में शामिल होने की अनुमति

रायपुर। शराब घोटाले में आरोपी बनाए गए कांग्रेस विधायक और पूर्व आबकारी मंत्री कवासी लखमा सोमवार को करीब एक साल बाद विधानसभा की कार्यवाही में शामिल हुए। जमानत पर जेल से रिहा होने के बाद यह उनकी पहली उपस्थिति रही।

विधानसभा पहुंचने पर उन्होंने कांग्रेस और भाजपा विधायकों से मुलाकात की। भाजपा विधायकों ने भी गले लगाकर उनका स्वागत किया।

स्पीकर ने सख्त शर्तों के साथ दी अनुमति

डॉ. रमन सिंह ने अंतरिम जमानत और प्रक्रियात्मक शर्तों के पालन के साथ उन्हें बजट सत्र में शामिल होने की अनुमति दी है। चूंकि मामले की जांच अभी जारी है, इसलिए सर्वोच्च न्यायालय के आदेशों और संवैधानिक प्रावधानों का पालन अनिवार्य किया गया है।

स्पीच और सार्वजनिक बयान पर रोक

निर्धारित शर्तों के तहत कवासी लखमा विधानसभा सत्र के दौरान कोई भाषण नहीं दे सकेंगे। वे अपने मामले से जुड़े मुद्दों पर सार्वजनिक टिप्पणी या बयानबाजी भी नहीं कर पाएंगे। उनकी उपस्थिति केवल बजट सत्र तक सीमित रहेगी और वे अन्य कार्यक्रमों में भाग नहीं ले सकेंगे।

उन्हें विधानसभा आने-जाने की पूरी जानकारी सचिवालय को देनी होगी। नियमों के उल्लंघन पर अनुमति तत्काल प्रभाव से रद्द की जा सकती है। हालांकि, वे अपने हिस्से की चर्चा में सीमित रूप से भाग ले सकेंगे।

एक साल बाद वापसी

शराब घोटाले के मामले में प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) ने 25 जनवरी 2025 को उन्हें गिरफ्तार किया था। लगभग एक वर्ष जेल में रहने के बाद 3 फरवरी को सर्वोच्च न्यायालय से अंतरिम जमानत मिलने पर वे रिहा हुए।

उनकी वापसी को लेकर राजनीतिक हलकों में चर्चा तेज हो गई है।