रायपुर। भारतीय जीवन बीमा निगम (LIC) के क्षेत्र में छत्तीसगढ़ के राठी दंपति ने नया इतिहास रचते हुए देशभर में प्रथम स्थान हासिल किया है। मनोज कुमार राठी और उनकी पत्नी शीतल राठी ने युगल दंपति के रूप में एमडीआरटी (MDRT) उपलब्धि प्राप्त कर राष्ट्रीय स्तर पर शीर्ष स्थान अर्जित किया है। उनकी इस उपलब्धि के लिए उन्हें अमेरिका में सम्मानित किया जाएगा।
देश के पहले एमडीआरटी युगल दंपति
मनोज कुमार राठी और शीतल राठी ने भारत में युगल दंपति के रूप में प्रथम एमडीआरटी प्राप्त कर बीमा क्षेत्र में विशिष्ट पहचान बनाई है। वे मध्यप्रदेश और छत्तीसगढ़ में प्रथम कॉर्पोरेट क्लब दंपति भी हैं और लंबे समय से रायपुर मंडल का प्रतिनिधित्व कर रहे हैं।
उनकी इस उपलब्धि पर वरिष्ठ मंडल प्रबंधक राजेश कुमार सिंह, विपणन प्रबंधक बुधराम, प्रबंधक (विक्रय) दिलीप सीथा, शाखा प्रबंधक बी.के. बिस्वास तथा सहायक शाखा प्रबंधक शिखा पांडे सहित अन्य अधिकारियों ने बधाई एवं शुभकामनाएं दी हैं। यह उपलब्धि डीआर गजेंद्र (LIC एसोसिएट) के मार्गदर्शन में हासिल की गई है।
अंतरराष्ट्रीय स्तर पर मिल चुका है सम्मान
गौरतलब है कि राठी दंपति को 17 से 23 फरवरी 2025 तक ऑस्ट्रेलिया के सिडनी में आयोजित समारोह में बीमा क्षेत्र के विश्व स्तरीय सम्मान से नवाजा गया था। अब उनका सम्मान अमेरिका के कैलिफोर्निया राज्य के ऐनाहेम शहर में किया जाएगा, जो बीमा क्षेत्र में उनके उत्कृष्ट योगदान की वैश्विक मान्यता है।
25 वर्षों का सफल सफर
मनोज राठी ने वर्ष 2000 में बीमा व्यवसाय की शुरुआत की थी। पिछले 25 वर्षों में उन्होंने कई महत्वपूर्ण उपलब्धियां हासिल कीं—
- 2003: मंडल प्रबंधक क्लब सदस्य
- 2005: अध्यक्ष क्लब सदस्य
- 2004 से 2010: प्रतिवर्ष एमडीआरटी
- 2011-2012: सीओटी (Court of the Table)
- 2011-2012: कॉर्पोरेट मंडल में प्रथम टीओटी (Top of the Table)
- कॉर्पोरेट क्लब सदस्य
राठी दंपति ईमानदारी, पारदर्शिता और ग्राहक-केंद्रित सेवाओं के लिए जाने जाते हैं। वे अपने ग्राहकों को दीर्घकालिक वित्तीय सुरक्षा और भरोसेमंद सलाह देने के लिए प्रतिबद्ध हैं।
छत्तीसगढ़ को मिली नई पहचान
इंश्योरेंस सेक्टर के टॉप अभिकर्ता के रूप में राठी दंपति ने न केवल छत्तीसगढ़ बल्कि मध्यप्रदेश का भी नाम राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय स्तर पर रोशन किया है। विदेश में उनका सम्मान होना राज्य के लिए गर्व का विषय माना जा रहा है।
उनकी सफलता ने यह साबित किया है कि समर्पण, ईमानदारी और निरंतर मेहनत से वैश्विक मंच पर भी पहचान बनाई जा सकती है।





