March 4, 2026

Raipur Literature Festival 2026: नवा रायपुर में रायपुर साहित्य उत्सव का भव्य आगाज़, उपसभापति हरिवंश ने किया उद्घाटन

📰 नवा रायपुर में रायपुर साहित्य उत्सव 2026 का भव्य शुभारंभ

राजधानी रायपुर के नवा रायपुर स्थित पुरखौती मुक्तांगन परिसर में आज रायपुर साहित्य उत्सव 2026 का भव्य शुभारंभ हुआ। उद्घाटन समारोह राज्यसभा के उपसभापति हरिवंश के मुख्य आतिथ्य और मुख्यमंत्री विष्णु देव साय की अध्यक्षता में संपन्न हुआ।

समारोह का आयोजन विनोद कुमार शुक्ल मंडप में किया गया, जिसमें उपमुख्यमंत्री अरुण साव, महात्मा गांधी अंतरराष्ट्रीय हिंदी विश्वविद्यालय वर्धा की कुलपति डॉ. कुमुद शर्मा तथा सुप्रसिद्ध अभिनेता व रंगकर्मी मनोज जोशी विशिष्ट अतिथि के रूप में मौजूद रहे।

इस अवसर पर मुख्यमंत्री के मीडिया सलाहकार पंकज झा, वरिष्ठ पत्रकार अनंत विजय और छत्तीसगढ़ साहित्य अकादमी के अध्यक्ष शशांक शर्मा सहित अनेक गणमान्य नागरिक उपस्थित रहे।


📖 कई पुस्तकों का हुआ विमोचन

उद्घाटन अवसर पर अतिथियों के करकमलों से —

✔️ छत्तीसगढ़ राज्य के 25 वर्ष पूर्ण होने पर आधारित पुस्तिका
✔️ कॉफी टेबल बुक – छत्तीसगढ़ राज्य के साहित्यकार
✔️ जे. नंदकुमार की पुस्तक – National Selfhood in Science
✔️ प्रो. अंशु जोशी की पुस्तक – लाल दीवारें, सफेद झूठ
✔️ राजीव रंजन प्रसाद की पुस्तक – तेरा राज नहीं आएगा रे

का विधिवत विमोचन किया गया।


🎤 उपसभापति हरिवंश का संबोधन

उपसभापति हरिवंश ने छत्तीसगढ़ के महान साहित्यकार स्व. विनोद कुमार शुक्ल को नमन करते हुए कहा कि छत्तीसगढ़ी साहित्य की परंपरा अत्यंत समृद्ध रही है। रायपुर साहित्य उत्सव का आयोजन रचनात्मक दृष्टिकोण का उदाहरण है।

उन्होंने कहा —

“एक पुस्तक और एक लेखक भी दुनिया को बदलने की शक्ति रखते हैं।”

उन्होंने कबीर और छत्तीसगढ़ के ऐतिहासिक संबंधों का उल्लेख करते हुए कहा कि साहित्य समाज को दिशा देता है, आशा जगाता है और जीवन जीने का साहस देता है।

साथ ही उन्होंने कहा कि भारत आज विश्व की तेज़ी से बढ़ती अर्थव्यवस्था है और विकसित भारत के संकल्प के पीछे साहित्य की बड़ी भूमिका रही है।


🏛 मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने कहा – साहित्य महाकुंभ है उत्सव

मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने कहा कि छत्तीसगढ़ प्रभु श्रीराम का ननिहाल है और इस पावन भूमि पर तीन दिवसीय साहित्य उत्सव का आयोजन गौरव का विषय है।

उन्होंने बताया कि —

👉 देशभर से 120 से अधिक साहित्यकार शामिल हो रहे हैं
👉 कुल 42 सत्रों में विमर्श होगा
👉 सामाजिक, सांस्कृतिक और राजनीतिक विषयों पर चर्चा होगी
👉 यह आयोजन गणतंत्र के अमृतकाल और राज्य के रजत जयंती वर्ष को समर्पित है

मुख्यमंत्री ने कहा कि स्वतंत्रता संग्राम में साहित्यकारों की भूमिका ऐतिहासिक रही है और साहित्य अन्याय के विरुद्ध प्रतिरोध करना सिखाता है।


✨ महान साहित्यकारों को समर्पित मंडप

मुख्यमंत्री ने बताया कि उत्सव के मंडप —

✔️ विनोद कुमार शुक्ल
✔️ श्यामलाल चतुर्वेदी
✔️ लाला जगदलपुरी
✔️ अनिरुद्ध नीरव

जैसे महान साहित्यकारों को समर्पित किए गए हैं।


🎙 उपमुख्यमंत्री अरुण साव का संदेश

उपमुख्यमंत्री अरुण साव ने कहा कि बसंत पंचमी के अवसर पर आयोजित यह उत्सव साहित्य का महाकुंभ है। छत्तीसगढ़ की धरती ने हिंदी साहित्य को अनेक महान पुरोधा दिए हैं।


👥 युवाओं की रही खास भागीदारी

उद्घाटन के बाद विभिन्न सत्रों में साहित्य, लोकतंत्र, संस्कृति और समाज से जुड़े विषयों पर विचार-विमर्श हुआ। बड़ी संख्या में साहित्य प्रेमी और विशेष रूप से युवा वर्ग की सक्रिय भागीदारी देखने को मिली।

रायपुर साहित्य उत्सव 2026 साहित्यिक संवाद और सांस्कृतिक चेतना के विस्तार की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम बनता जा रहा है।