March 4, 2026

रायपुर : एमसीबी जिले में बिजली उपभोक्ता करीब 3 गुना, सिंचाई पंप 9 गुना बढ़े

उपकेंद्र, ट्रांसफार्मर और लाइन नेटवर्क में हुआ बड़ा विस्तार

रायपुर, 12 फरवरी 2026।
मनेन्द्रगढ़-चिरमिरी-भरतपुर (एमसीबी) जिले में बीते 25 वर्षों के दौरान बिजली व्यवस्था की तस्वीर पूरी तरह बदल गई है। वर्ष 2000 में अविभाजित कोरिया जिले का हिस्सा रहे इस क्षेत्र में अब विद्युत उपभोक्ताओं, उपकेंद्रों, ट्रांसफार्मरों और लाइन नेटवर्क में कई गुना वृद्धि दर्ज की गई है, जिससे कृषि, उद्योग और घरेलू उपभोक्ताओं को सीधा लाभ मिल रहा है।

वर्ष 2000 में जिले का भौगोलिक क्षेत्रफल 6,228 वर्ग किलोमीटर था, जो 2022 में पृथक जिला बनने के बाद 4,227 वर्ग किलोमीटर रह गया। क्षेत्रफल घटने के बावजूद बिजली अधोसंरचना का विस्तार तेज़ी से हुआ है।

उपभोक्ता संख्या में ऐतिहासिक बढ़ोतरी

वर्ष 2000 में जिले में कुल विद्युत उपभोक्ता 21,209 थे, जो अब बढ़कर 57,549 हो गए हैं।
एचटी उपभोक्ता 15 से बढ़कर 37 हो गए हैं, जबकि एलटी उपभोक्ता हजारों की संख्या में बढ़े हैं।
बीपीएल कनेक्शन 3,562 से बढ़कर 22,679 और घरेलू उपभोक्ता 7,999 से बढ़कर 27,213 हो चुके हैं।

कृषि क्षेत्र को मिली बड़ी राहत

सिंचाई पंप उपभोक्ताओं की संख्या 128 से बढ़कर 1,159 हो गई है, जो लगभग 9 गुना वृद्धि है। इससे किसानों को सिंचाई के लिए नियमित बिजली मिल रही है और कृषि उत्पादन को मजबूती मिली है।

उपकेंद्र और ट्रांसफार्मर में विस्तार

132/33 केवी उपकेंद्र 1 से बढ़कर 2 (चैनपुर और बहरासी) हो गए हैं।
33/11 केवी उपकेंद्र 4 से बढ़कर 13 हो चुके हैं।
पावर ट्रांसफार्मर 5 से बढ़कर 17 और वितरण ट्रांसफार्मर 276 से बढ़कर 3,018 हो गए हैं।

लाइन नेटवर्क भी कई गुना बढ़ा

उच्च दाब लाइनें 734 किमी से बढ़कर 3,718 किमी और निम्न दाब लाइनें 368 किमी से बढ़कर 3,429 किमी तक पहुंच गई हैं।
डिस्ट्रीब्यूशन कंपनी द्वारा एक जोन और 8 वितरण केंद्रों के माध्यम से जिले के सभी गांवों का शत-प्रतिशत विद्युतीकरण किया गया है। वर्तमान में 57 हजार से अधिक उपभोक्ताओं को नियमित बिजली आपूर्ति दी जा रही है।

बिजली अधोसंरचना के इस विस्तार से एमसीबी जिले में कृषि, लघु उद्योग और घरेलू सुविधाओं में उल्लेखनीय सुधार हुआ है और बिजली अब जिले के विकास की मजबूत धुरी बन गई है।