July 31, 2026

भुगतान नहीं मिलने पर नगर निगम के खिलाफ ठेकेदारों का प्रदर्शन, कमीशनखोरी के लगाए गंभीर आरोप

रायपुर। रायपुर नगर निगम के ठेकेदारों ने लंबित भुगतान और कथित कमीशनखोरी के विरोध में सोमवार को निगम मुख्यालय के सामने प्रदर्शन किया। ठेकेदारों का आरोप है कि बिना कमीशन दिए फाइलों का भुगतान नहीं किया जा रहा और करोड़ों रुपये का बकाया महीनों से अटका हुआ है। नाराज ठेकेदारों ने काम बंद कर विरोध प्रदर्शन करते हुए प्रशासन पर गंभीर आरोप लगाए हैं।

100 करोड़ से अधिक भुगतान लंबित होने का दावा

ठेकेदारों का कहना है कि नगर निगम पर 100 करोड़ रुपये से अधिक का भुगतान बकाया है। कई ठेकेदारों को छह महीने से लेकर डेढ़ वर्ष तक का भुगतान नहीं मिला है। उनका आरोप है कि बैंक से ऋण लेकर कार्य पूरा करने वाले ठेकेदार आर्थिक संकट से जूझ रहे हैं और ब्याज का अतिरिक्त बोझ उठा रहे हैं।

फाइलों में कमीशन मांगने का आरोप

प्रदर्शन कर रहे ठेकेदारों ने आरोप लगाया कि विभिन्न स्तरों पर फाइलों को आगे बढ़ाने के लिए अलग-अलग दरों पर कमीशन की मांग की जाती है। उनका दावा है कि जीएसटी, सिक्योरिटी डिपॉजिट और अन्य वैधानिक कटौतियों के बाद भी अतिरिक्त भुगतान की मांग की जाती है। कुछ ठेकेदारों ने जोन स्तर पर भी प्रतिशत तय होने के आरोप लगाए।

अधिकारियों पर तानाशाही और बेगारी के आरोप

ठेकेदारों का कहना है कि कई बार अधिकारियों के कहने पर अतिरिक्त और बिना भुगतान के कार्य करवाए जाते हैं। समय पर काम पूरा नहीं होने पर ठेकेदारों पर पेनल्टी लगाई जाती है, जबकि समय से पहले कार्य पूरा करने पर कोई प्रोत्साहन नहीं दिया जाता।

गुणवत्ता और भुगतान को लेकर उठाए सवाल

प्रदर्शनकारियों ने आरोप लगाया कि निर्माण कार्यों की गुणवत्ता को लेकर दोहरे मापदंड अपनाए जाते हैं। उनका कहना है कि कार्य स्वीकृत होने के बाद बाद में खामियों का ठीकरा ठेकेदारों पर फोड़ दिया जाता है।

संघ अध्यक्ष ने उठाए कई सवाल

सिविल ठेकेदार संघ के अध्यक्ष दुर्गेश ने आरोप लगाया कि वर्तमान प्रशासनिक व्यवस्था में भुगतान प्रक्रिया और अधिक जटिल हो गई है। उन्होंने फाइलों के लंबित रहने, सुनवाई नहीं होने और भुगतान प्रक्रिया में पारदर्शिता की कमी का मुद्दा उठाया। संघ ने राज्य सरकार और नगरीय प्रशासन विभाग से मामले की निष्पक्ष जांच कराने तथा लंबित भुगतान जल्द जारी करने की मांग की है।

निगम प्रशासन की प्रतिक्रिया का इंतजार

ठेकेदारों ने महापौर मीनल चौबे और नगर निगम आयुक्त संबित मिश्रा पर भी सवाल उठाए हैं। हालांकि समाचार लिखे जाने तक निगम प्रशासन की ओर से इन आरोपों पर कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया सामने नहीं आई थी।