July 30, 2026

रायपुर निगम का बड़ा लक्ष्य: रोजाना 1 करोड़ रुपये राजस्व वसूली, बकायादारों पर होगी सख्त कार्रवाई

रायपुर। नगर निगम रायपुर के आयुक्त संबित मिश्रा ने साप्ताहिक टीएल (समय-सीमा) बैठक में राजस्व वसूली, जल संरक्षण और अवैध निर्माण जैसे महत्वपूर्ण विषयों की समीक्षा करते हुए अधिकारियों को आवश्यक निर्देश दिए। बैठक में निगम के सभी जोन कमिश्नरों को बड़े बकायादारों के खिलाफ सख्त कार्रवाई कर बकाया राजस्व की वसूली सुनिश्चित करने के निर्देश दिए गए।

आयुक्त ने निगम के सभी 10 जोनों के लिए प्रतिदिन कुल एक करोड़ रुपये राजस्व वसूली का लक्ष्य निर्धारित किया है। उन्होंने कहा कि राजस्व संग्रह बढ़ाने के लिए बकायादारों को नोटिस जारी कर नियमानुसार कार्रवाई की जाए और वसूली अभियान को तेज किया जाए।

बैठक में संपत्ति कर संग्रहण पर विशेष जोर दिया गया। आयुक्त ने बताया कि वर्ष 2026-27 के लिए 30 जून 2026 तक संपत्ति कर जमा करने वाले करदाताओं को 6.25 प्रतिशत की छूट का लाभ दिया जा रहा है। उन्होंने अधिकारियों को इस योजना का व्यापक प्रचार-प्रसार कर अधिक से अधिक करदाताओं को समय पर कर भुगतान के लिए प्रेरित करने के निर्देश दिए।

आयुक्त ने सभी जोन कमिश्नरों और राजस्व अमले को निगम हित में लगातार राजस्व वसूली पर फोकस बनाए रखने की बात कही। बैठक में अपर आयुक्त लोकेश्वर साहू, पंकज के. शर्मा, विनोद पाण्डेय, कृष्णा खटीक, मुख्य अभियंता संजय बागड़े सहित विभिन्न विभागों के अधिकारी उपस्थित रहे।

मानसून से पहले रैन वाटर हार्वेस्टिंग पर जोर

बैठक में आयुक्त ने वर्षा जल संरक्षण को लेकर भी महत्वपूर्ण निर्देश दिए। उन्होंने सभी जोन कमिश्नरों को मानसून की पहली बारिश से पहले अधिक से अधिक स्थानों पर रैन वाटर हार्वेस्टिंग सिस्टम स्थापित करने के लिए कहा।

उन्होंने निर्देशित किया कि जिन क्षेत्रों में हर साल जलभराव की समस्या होती है, वहां प्राथमिकता के आधार पर वर्षा जल संचयन की व्यवस्था की जाए। उनका कहना था कि इससे न केवल जलभराव की समस्या कम होगी, बल्कि भूजल स्तर में सुधार लाने में भी मदद मिलेगी।

अवैध निर्माणों पर भी होगी कार्रवाई

आयुक्त संबित मिश्रा ने निगम क्षेत्र में हो रहे अवैध निर्माणों के मामलों की समीक्षा करते हुए अधिकारियों को स्पष्ट निर्देश दिए कि सभी लंबित प्रकरणों में नियमानुसार कार्रवाई की जाए। उन्होंने कहा कि शहर में अवैध निर्माण किसी भी स्थिति में बर्दाश्त नहीं किए जाएंगे और नियमों का उल्लंघन करने वालों पर सख्त कार्रवाई की जाएगी।

नगर निगम प्रशासन का मानना है कि राजस्व संग्रह बढ़ाने, जल संरक्षण को बढ़ावा देने और अवैध निर्माणों पर नियंत्रण के लिए चलाए जा रहे ये अभियान शहर के सुव्यवस्थित विकास में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएंगे।