May 14, 2026

रायपुर: पेयजल संकट को लेकर नगरीय प्रशासन विभाग सख्त, सभी निकायों को तत्काल कार्रवाई के निर्देश

रायपुर। प्रदेश में गर्मी के बढ़ते प्रभाव के बीच संभावित पेयजल संकट को देखते हुए नगरीय प्रशासन एवं विकास विभाग ने सभी नगरीय निकायों को कड़े निर्देश जारी किए हैं। विभाग ने नगर निगमों के आयुक्तों, नगर पालिकाओं और नगर पंचायतों के मुख्य नगर पालिका अधिकारियों को पेयजल व्यवस्था दुरुस्त करने के लिए विस्तृत दिशा-निर्देश भेजे हैं।

निर्देशों में कहा गया है कि सभी हैंडपंपों, बोरवेल और जल आपूर्ति प्रणालियों की एक सप्ताह के भीतर जांच कर उनकी मरम्मत सुनिश्चित की जाए। साथ ही पाइपलाइन में लीकेज, टूट-फूट और अवैध कनेक्शन की समस्या को तत्काल ठीक करने के निर्देश दिए गए हैं।

विभाग ने उन क्षेत्रों को प्राथमिकता देने को कहा है जहां गर्मियों में भू-जल स्तर नीचे चला जाता है। ऐसे वार्डों और बस्तियों की पहचान कर वहां वैकल्पिक जल आपूर्ति व्यवस्था सुनिश्चित करने के निर्देश दिए गए हैं।

इस संबंध में उप मुख्यमंत्री एवं नगरीय प्रशासन मंत्री अरुण साव ने हाल ही में समीक्षा बैठक के दौरान सभी निकायों को गर्मियों में निर्बाध पेयजल आपूर्ति सुनिश्चित करने के निर्देश दिए थे। उसी के अनुपालन में यह परिपत्र जारी किया गया है।

आदेश के अनुसार नगर निगमों में आयुक्त और नगर पालिका/नगर पंचायतों में मुख्य नगर पालिका अधिकारी को नोडल अधिकारी बनाया गया है, जो प्रतिदिन पेयजल शिकायतों की समीक्षा करेंगे और समय-सीमा में समाधान सुनिश्चित करेंगे।

इसके अलावा जल शोधन संयंत्रों, ओवरहेड टैंकों और जलागारों की सफाई तथा डिसइन्फेक्शन अनिवार्य रूप से करने के निर्देश दिए गए हैं। पेयजल में क्लोरीन की नियमित जांच और आवश्यकता अनुसार पुनः क्लोरीनेशन भी सुनिश्चित किया जाएगा।

विभाग ने बस स्टैंड, बाजार और सार्वजनिक स्थानों पर प्याऊ घर स्थापित करने तथा वहां पर्याप्त मानव संसाधन की व्यवस्था करने को कहा है। इसके लिए सामाजिक संस्थाओं और एनजीओ की मदद लेने की भी अनुमति दी गई है।

साथ ही 15वें वित्त आयोग और अमृत मिशन के तहत चल रही जल प्रदाय योजनाओं को शीघ्र पूरा कर 15 दिनों के भीतर उन्हें क्रियान्वित करने के निर्देश दिए गए हैं। जल संरक्षण के लिए रेन वॉटर हार्वेस्टिंग और रिचार्ज पिट निर्माण पर भी जोर दिया गया है।

विभाग ने जल की गुणवत्ता पर सतत निगरानी, नियमित परीक्षण रिपोर्ट भेजने और किसी भी प्रकार की स्वास्थ्य समस्या की स्थिति में तुरंत स्वास्थ्य विभाग से समन्वय करने को कहा है।

इसके अलावा डोर-टू-डोर कचरा संग्रहण वाहनों के माध्यम से जल संरक्षण के प्रति जागरूकता फैलाने और प्रत्येक वार्ड में जनप्रतिनिधियों व नागरिक समूहों के सहयोग से अभियान चलाने के निर्देश भी जारी किए गए हैं।