रायपुर। नवा रायपुर के नकटी गांव में गरीब परिवारों के मकान तोड़े जाने के विरोध में कांग्रेस ने बुधवार को प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष दीपक बैज के नेतृत्व में ‘न्याय पदयात्रा’ निकाली। नकटी गांव से राजभवन (लोकभवन) तक आयोजित इस पदयात्रा में प्रभावित परिवारों के साथ बड़ी संख्या में कांग्रेस कार्यकर्ता, पदाधिकारी और विधायक शामिल हुए। कांग्रेस प्रतिनिधिमंडल राज्यपाल को ज्ञापन सौंपकर प्रभावित परिवारों के पुनर्वास और उचित मुआवजे की मांग करेगा।
करीब 13 किलोमीटर लंबी पदयात्रा नकटी गांव से शुरू होकर पीटीएस चौक, माना, फुंडहर चौक, श्रीराम मंदिर (करेंसी टावर), तेलीबांधा और गौरव पथ होते हुए राजभवन तक पहुंचेगी। कांग्रेस का आरोप है कि नकटी गांव के 85 प्रभावित परिवारों को अब तक न्याय नहीं मिला है। पार्टी की मांग है कि प्रत्येक प्रभावित परिवार को नकटी गांव में ही 2,000 वर्गफीट भूमि आवंटित कर पुनर्वास किया जाए और मकान तोड़े जाने से हुए नुकसान के अनुरूप उचित मुआवजा दिया जाए।
प्रभावित परिवारों ने प्रशासन द्वारा सेक्टर-30 स्थित हाउसिंग बोर्ड के चौथी मंजिल के फ्लैटों में दिए जा रहे अस्थायी आवास को अस्वीकार कर दिया है। उनका कहना है कि वे अपने मूल गांव में ही पुनर्वास चाहते हैं। फिलहाल सभी प्रभावित परिवार गांव में टेंट और टीन शेड में रहकर जीवन-यापन कर रहे हैं।
पदयात्रा के दौरान दीपक बैज घायल
पदयात्रा शुरू होने के कुछ समय बाद प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष दीपक बैज के पैर में मोच आ गई। चोट लगने के कारण वे आगे पैदल नहीं चल सके। इसके बाद वे कार में सवार होकर पदयात्रा के पीछे-पीछे चलते रहे, जबकि कांग्रेस कार्यकर्ताओं और ग्रामीणों ने यात्रा जारी रखी।
मार्ग पर सुरक्षा के कड़े इंतजाम
संभावित भीड़ और सुरक्षा व्यवस्था को देखते हुए प्रशासन ने पूरे पदयात्रा मार्ग पर भारी पुलिस बल तैनात किया है। यातायात पुलिस ने एडवाइजरी जारी कर सुबह 11 बजे से शाम 4 बजे तक श्रीराम मंदिर (करेंसी टावर) से तेलीबांधा थाना तिराहा तक यातायात का दबाव अधिक रहने की जानकारी दी है। इस दौरान सर्विस रोड बंद रखी गई है और महासमुंद से दुर्ग की ओर जाने वाले वाहन चालकों को मुख्य मार्ग का उपयोग करने की सलाह दी गई है।
कांग्रेस का कहना है कि जब तक प्रभावित परिवारों को न्याय, उचित पुनर्वास और मुआवजा नहीं मिलता, तब तक उनका आंदोलन जारी रहेगा।





