रायपुर में नक्सलवाद के मुद्दे पर राजनीतिक बयानबाजी तेज हो गई है। पूर्व मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने केंद्रीय गृहमंत्री अमित शाह को इस मुद्दे पर खुली बहस की चुनौती दी है।
बघेल का आरोप
भूपेश बघेल ने कहा कि कांग्रेस सरकार के दौरान नक्सल समस्या से निपटने में केंद्र सरकार को पूरा सहयोग दिया गया था। उन्होंने आरोप लगाया कि संसद में चर्चा के दौरान अमित शाह ने यह कहकर गलत जानकारी दी कि राज्य सरकार से सहयोग नहीं मिला। बघेल के मुताबिक उनकी सरकार ने जोखिम उठाकर नक्सल प्रभावित क्षेत्रों में विकास कार्य भी किए।
सीएम साय का दावा—‘ऐतिहासिक दिन’
वहीं मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने कहा कि 31 मार्च प्रदेश के लिए ऐतिहासिक दिन है और सुरक्षा बलों के साहस से छत्तीसगढ़ से नक्सलवाद समाप्त हो चुका है। उन्होंने प्रधानमंत्री और केंद्रीय गृहमंत्री का आभार जताते हुए कहा कि अब बस्तर क्षेत्र तेजी से विकास की राह पर आगे बढ़ेगा।
‘बघेल का बयान असत्य’
सीएम साय ने बघेल के आरोपों को खारिज करते हुए कहा कि यह उनकी राजनीतिक कमजोरी को छुपाने की कोशिश है। उन्होंने कहा कि 2023 में सरकार बनने के बाद समीक्षा में सामने आया कि देश के कुल नक्सलवाद का 75 प्रतिशत हिस्सा छत्तीसगढ़ में था। अगर पिछली सरकार ने दृढ़ता से काम किया होता, तो स्थिति अलग होती।
झीरम घाटी कांड पर भी वार
सीएम साय ने झीरम घाटी कांड का जिक्र करते हुए कहा कि पूर्व सरकार न तो इसकी जांच करा पाई और न ही कथित सबूत सामने आ सके। उन्होंने कांग्रेस नेताओं पर इस मुद्दे को लेकर सवाल भी उठाए।
बयानबाजी से गरमाई राजनीति
नक्सलवाद जैसे संवेदनशील मुद्दे पर दोनों पक्षों के बीच तीखी बयानबाजी जारी है। एक ओर जहां पूर्व मुख्यमंत्री केंद्र सरकार पर गलतबयानी का आरोप लगा रहे हैं, वहीं वर्तमान सरकार इसे अपनी बड़ी उपलब्धि बताकर विपक्ष पर निशाना साध रही है।
राजनीतिक आरोप-प्रत्यारोप के बीच अब यह मुद्दा प्रदेश की सियासत का प्रमुख केंद्र बनता जा रहा है।





