July 21, 2026

पेट्रोल-डीजल संकट पर किसान नेता का बड़ा बयान, कहा- “ईंधन नहीं मिला तो खेती और अर्थव्यवस्था दोनों पर संकट”

रायपुर। छत्तीसगढ़ में पेट्रोल और डीजल की कथित किल्लत को लेकर किसानों और आम लोगों में चिंता बढ़ गई है। इस मुद्दे पर किसान नेता पारसनाथ साहू ने गंभीर प्रतिक्रिया देते हुए कहा कि यदि किसानों को समय पर पेट्रोल-डीजल उपलब्ध नहीं हुआ तो खेती प्रभावित होगी और इसका सीधा असर उत्पादन पर पड़ेगा।

किसान नेता पारसनाथ साहू ने कहा कि इस वर्ष खाद की कमी की भी आशंका है, जिससे पैदावार पर असर पड़ सकता है। उन्होंने कहा कि वर्तमान समय में खेती पूरी तरह मशीनों और ट्रैक्टर पर निर्भर है। ऐसे में ईंधन की अनुपलब्धता से खेत की जुताई, निंदाई और अन्य कृषि कार्य प्रभावित होंगे।

उन्होंने आगे कहा कि यदि किसान खेती नहीं कर पाएंगे तो वे कर्ज के बोझ तले दब जाएंगे और इसका असर देश की अर्थव्यवस्था पर भी पड़ेगा। उनके अनुसार महंगाई बढ़ेगी और आवश्यक वस्तुओं की कालाबाज़ारी की स्थिति बन सकती है।

पारसनाथ साहू ने चेतावनी देते हुए कहा कि समय पर खाद, बीज और ईंधन नहीं मिलने से कृषि व्यवस्था पर बड़ा संकट खड़ा हो सकता है, जिसका अनुमान लगाना भी कठिन है। उन्होंने कहा कि यह स्थिति किसी प्राकृतिक आपदा या महामारी से भी बड़ा संकट साबित हो सकती है।

इधर प्रदेश में पेट्रोल-डीजल को लेकर अफवाहों के बीच पेट्रोल पंपों पर भीड़ देखी जा रही है। लोग बड़ी संख्या में ईंधन भरवाने पहुंच रहे हैं। प्रशासन का कहना है कि राज्य में पेट्रोल और डीजल का पर्याप्त स्टॉक उपलब्ध है और किसी प्रकार की कमी नहीं है। खाद्य सचिव रीना बाबासाहेब कंगाले ने भी स्पष्ट किया है कि नियमित आपूर्ति जारी है और स्थिति पूरी तरह नियंत्रण में है।