September 4, 2026

प्लेसमेंट एजेंसी पर बड़ी कार्रवाई, ₹10 लाख की सुरक्षा निधि राजसात; ब्लैकलिस्ट में डाला गया

रायपुर। छत्तीसगढ़ गृह निर्माण एवं अधोसंरचना विकास मंडल ने प्लेसमेंट एजेंसी मेसर्स टॉपग्रेड मेनपावर एंड सिक्युरिटी सर्विसेस इंडिया प्राइवेट लिमिटेड, राजनांदगांव के खिलाफ बड़ी कार्रवाई की है। अनुबंध की शर्तों के उल्लंघन के मामले में मंडल ने एजेंसी की 10 लाख रुपये की परफॉर्मेंस सिक्योरिटी राजसात कर दी है। साथ ही एजेंसी को मंडल में कार्यरत एजेंसियों की ब्लैक लिस्ट में डाल दिया गया है।

कर्मचारियों के वेतन से की गई थी कटौती

नया रायपुर अटल नगर विकास प्राधिकरण, छत्तीसगढ़ गृह निर्माण एवं अधोसंरचना विकास मंडल और छत्तीसगढ़ पर्यावरण संरक्षण मंडल ने संयुक्त निविदा के जरिए मानव संसाधन उपलब्ध कराने के लिए एजेंसी से 1 जुलाई 2023 को अनुबंध किया था। मंडल में इस निविदा की अवधि मार्च 2026 में समाप्त हो गई थी।

निविदा अवधि खत्म होने के बाद मंडल मुख्यालय में कार्यरत प्लेसमेंट कर्मचारियों ने शिकायत की कि एजेंसी ने उनके वेतन से पांच महीने तक सुरक्षा निधि के नाम पर राशि काटी, लेकिन कार्यकाल समाप्त होने के बाद राशि वापस नहीं की गई।

जांच में कम वेतन भुगतान का खुलासा

मंडल की जांच में सामने आया कि एजेंसी ने कर्मचारियों के वेतन से किश्तों में राशि काटी थी। बैंक खातों से किए गए भुगतान की जांच में यह भी पाया गया कि एजेंसी को मंडल से जितनी राशि प्राप्त हुई थी, उसकी तुलना में संबंधित कर्मचारियों को कम वेतन का भुगतान किया गया।

इस मामले में मंडल ने 30 जुलाई 2026 को एजेंसी को नोटिस जारी किया। एजेंसी ने 11 अगस्त को दिए जवाब में कर्मचारियों के वेतन से राशि काटे जाने की बात स्वीकार की। शिकायत के बाद एजेंसी द्वारा कर्मचारियों को राशि का भुगतान किए जाने की जानकारी भी सामने आई।

10 लाख की सुरक्षा निधि राजसात, एजेंसी ब्लैकलिस्ट

जांच और एजेंसी के जवाब के आधार पर मंडल ने माना कि निविदा और अनुबंध की शर्तों का पालन नहीं किया गया। इसके बाद 10 लाख रुपये की परफॉर्मेंस सिक्योरिटी राजसात करने के साथ एजेंसी को ब्लैकलिस्ट कर दिया गया।

छत्तीसगढ़ गृह निर्माण एवं अधोसंरचना विकास मंडल आयुक्त अवनीश कुमार शरण ने कहा कि प्लेसमेंट कर्मचारियों को उनके वैधानिक और अनुबंधानुसार देय पारिश्रमिक तथा सामाजिक सुरक्षा लाभों से वंचित करने की किसी भी शिकायत को गंभीरता से लिया जाएगा। मंडल ने संबंधित दस्तावेजों, बैंक खातों, भुगतान रिकॉर्ड और एजेंसी के जवाब की जांच के आधार पर यह कार्रवाई की है।