March 5, 2026

बड़ी कार्रवाई: रायपुर पुलिस का ‘ऑपरेशन निश्चय’ सफल; एम्बुलेंस से तस्करी हो रहा 2.60 करोड़ का गांजा जब्त

महासमुंद/रायपुर: छत्तीसगढ़ की रायपुर रेंज पुलिस ने नशे के खिलाफ जारी ‘ऑपरेशन निश्चय’ के तहत एक बड़ी कामयाबी हासिल की है। एंटी नारकोटिक्स टास्क फोर्स (ANTF) और महासमुंद पुलिस ने संयुक्त कार्रवाई करते हुए एक एम्बुलेंस से 520 किलो अवैध गांजा बरामद किया है। इस मामले में पुलिस ने ओडिशा से महाराष्ट्र तक फैले अंतरराज्यीय नेटवर्क का भंडाफोड़ करते हुए 9 आरोपियों को गिरफ्तार किया है।

  • जब्त माल: 520 किलोग्राम गांजा (कीमत ₹2.60 करोड़)।
  • मोडस ऑपेरंडी: पुलिस को चकमा देने के लिए एम्बुलेंस का इस्तेमाल।
  • संपत्ति कुर्की: आरोपियों की ₹5.5 करोड़ की संपत्ति SAFEMA के तहत होगी अटैच।
  • बड़ी गिरफ्तारी: मशहूर सोशल मीडिया इन्फ्लुएंसर “सर्पमित्र” आकाश जाधव भी गिरफ्तार।

सप्लाई चेन का हुआ पर्दाफाश (End-to-End Operation)

पुलिस ने केवल माल नहीं पकड़ा, बल्कि गांजा सप्लाई करने वाले से लेकर उसे खरीदने वाले तक पूरी चेन को दबोचा है:

  1. बैकवर्ड लिंक (सप्लायर): रंजन दुर्गा (ओडिशा) – जो गांजा इकट्ठा कर भेजता था।
  2. ट्रांसपोर्ट सरगना: आकाश जाधव (अहिल्यानगर) – जो परिवहन का नेटवर्क संभालता था। इसके लाखों सोशल मीडिया फॉलोअर्स हैं।
  3. मुख्य खरीदार: रामदास चंदू सोनवाने (पुणे) – जिसने अपने दो बेटों के साथ मिलकर महाराष्ट्र में वितरण का जाल फैला रखा था।

एम्बुलेंस बनी तस्करी का जरिया

जांच में खुलासा हुआ कि तस्करों ने एम्बुलेंस का उपयोग इसलिए किया ताकि नाकों और चेक पोस्ट पर पुलिस को संदेह न हो। आरोपी आकाश जाधव पिछले एक साल में 6 बार इस तरह की खेप पहुंचा चुका है।

कड़ी कानूनी कार्रवाई

पुलिस ने थाना कोमाखान में NDPS एक्ट और भारतीय न्याय संहिता (BNS) की विभिन्न धाराओं के तहत मामला दर्ज किया है। महासमुंद पुलिस अब आरोपियों के वित्तीय लेन-देन और बैंक खातों की जांच कर रही है ताकि इस काले साम्राज्य की जड़ों को पूरी तरह काटा जा सके।