🔹 CG News | Raipur Police Commissionerate | Chhattisgarh Government Decision
रायपुर। छत्तीसगढ़ शासन ने राजधानी रायपुर में पुलिस कमिश्नरी प्रणाली लागू करने संबंधी अधिसूचना जारी कर दी है। इस अहम प्रशासनिक फैसले पर मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने कहा कि यह सरकार की पूर्व घोषणा का हिस्सा था, जिसे अब धरातल पर उतारा जा रहा है।
मुख्यमंत्री ने स्पष्ट किया कि रायपुर में पुलिस कमिश्नरी व्यवस्था 23 जनवरी से लागू होगी, जबकि इसकी औपचारिक अधिसूचना आज जारी कर दी गई है।
सीएम साय ने कहा —
“हमारी घोषणा थी कि रायपुर में पुलिस कमिश्नरी सिस्टम लागू करेंगे। बढ़ती आबादी, शहरीकरण और कानून-व्यवस्था की चुनौतियों को देखते हुए यह जरूरी था। अब परसो से यह व्यवस्था लागू होने जा रही है।”
अधिसूचना के अनुसार रायपुर नगर निगम क्षेत्र की अनुमानित जनसंख्या लगभग 19 लाख है। बढ़ती आबादी, अपराध, ट्रैफिक दबाव और शहरी चुनौतियों को देखते हुए यह निर्णय लिया गया है।
🚓 कमिश्नरेट में शामिल होंगे 21 शहरी थाने
अधिसूचना के अनुसार रायपुर नगर पुलिस जिले के 21 थाना क्षेत्र कमिश्नरेट सीमा में शामिल किए गए हैं—
- सिविल लाइन
- देवेंद्र नगर
- तेलीबांधा
- कोतवाली
- गंज
- मौदहा पारा
- गोल बाजार
- पुरानी बस्ती
- डी.डी. नगर
- आमा नाका
- आजाद चौक
- सरस्वती नगर
- कबीर नगर
- राजेंद्र नगर
- मुजगहन
- टिकरापारा
- उरला (नगर निगम क्षेत्र)
- खमतराई
- गुढ़ियारी
- पंडरी
- खम्हारडीह
अब इन सभी क्षेत्रों की कानून-व्यवस्था सीधे पुलिस आयुक्त के अधीन होगी।
🏘️ रायपुर ग्रामीण रहेगा अलग
रायपुर ग्रामीण पुलिस जिला कमिश्नरेट से अलग रहेगा। इसके अंतर्गत आने वाले थाने—
- विधानसभा
- धरसींवा
- खरोरा
- तिल्दा नेवरा
- माना
- मंदिर हसौद
- आरंग
- नवा रायपुर
- राखी
- अभनपुर
- गोबरा नवापारा
- उरला (बीरगांव क्षेत्र)
साथ ही रायपुर ग्रामीण रेंज में जिले— गरियाबंद, बलौदा बाजार, धमतरी और महासमुंद शामिल रहेंगे।
🏛️ 37 वरिष्ठ पद सृजित, नई प्रशासनिक संरचना
कमिश्नरेट के लिए 37 वरिष्ठ पद निर्धारित किए गए हैं—
- पुलिस आयुक्त – 1
- अतिरिक्त पुलिस आयुक्त – 1
- पुलिस उपायुक्त – 5
- अतिरिक्त पुलिस उपायुक्त – 9
- सहायक पुलिस आयुक्त – 21
इन अधिकारियों को जोन, अपराध शाखा, यातायात, साइबर सेल, महिला अपराध, इंटेलिजेंस, प्रोटोकॉल और कानून-व्यवस्था की जिम्मेदारी मिलेगी।
⚖️ पुलिस आयुक्त को मिले मजिस्ट्रेटी अधिकार
अब पुलिस आयुक्त को दंड प्रक्रिया संहिता के तहत कई शक्तियाँ मिलेंगी—
- धारा 144 लागू करने का अधिकार
- जुलूस व सभाओं की अनुमति या रोक
- निषेधाज्ञा जारी करना
- आपात स्थिति में त्वरित निर्णय
पहले ये अधिकार कलेक्टर के पास होते थे।
📜 किन कानूनों के तहत मिले अधिकार
कमिश्नरेट को इन अधिनियमों के तहत शक्तियाँ मिलेंगी—
- छत्तीसगढ़ पुलिस अधिनियम 2007
- मोटर वाहन अधिनियम 1988
- अनैतिक व्यापार निवारण अधिनियम
- विधि विरुद्ध क्रियाकलाप अधिनियम
- शासकीय गुप्त बात अधिनियम
- छत्तीसगढ़ राज्य सुरक्षा अधिनियम
- पशु अतिचार अधिनियम सहित अन्य कानून
🚦 क्या होंगे फायदे
- कानून-व्यवस्था पर तेज़ नियंत्रण
- ट्रैफिक मैनेजमेंट बेहतर
- अपराधों पर त्वरित कार्रवाई
- जनता को जल्दी न्याय व सुरक्षा
- शहरी प्रशासन में पारदर्शिता
सरकार का मानना है कि इससे रायपुर में पुलिसिंग अधिक आधुनिक, प्रभावी और तेज़ होगी।





