March 3, 2026

रायपुर पुलिस का ऑपरेशन साइबर शील्ड: 11 अंतर्राजीय ठगों को गिरफ्तार

रायपुर।
रायपुर पुलिस ने ऑपरेशन साइबर शील्ड के तहत 11 अंतर्राजीय ठगों को गिरफ्तार किया है। ये आरोपी शेयर ट्रेडिंग और ऑनलाइन पार्ट टाइम जॉब के नाम पर लोगों को अत्यधिक मुनाफा का झांसा देकर करोड़ों रुपये की ठगी कर रहे थे।

गिरफ्तार आरोपियों में महाराष्ट्र से पांच, उत्तर प्रदेश से दो और तेलंगाना, मध्यप्रदेश, राजस्थान और ओडिशा से एक-एक आरोपी शामिल हैं।

ठगी की गंभीरता और प्रमुख मामलों की जानकारी

पुलिस ने बताया कि गिरफ्तार आरोपियों के खिलाफ देशभर के 66 थानों और साइबर सेल में शिकायतें दर्ज हैं।
मुख्य मामलों में:

  • माया तिवारी – 89 लाख रुपये की ठगी
  • जयंत चंद्राकर – 26 लाख रुपये की ठगी
  • सत्येंद्र श्रीवास्तव – 32 लाख रुपये की ठगी
  • कपिल दासवानी – 15 लाख रुपये की ठगी (ऑनलाइन पार्ट टाइम जॉब)
  • राहुल सिंह – 18 लाख रुपये की ठगी

पुलिस ने तकनीकी विश्लेषण के माध्यम से बैंक खातों, मोबाइल नंबर और वॉट्सएप चैट की जाँच कर मुख्य आरोपियों की पहचान की।

गिरफ्तार आरोपियों की भूमिका

  • ओंकार बंगारी (27, पुणे, महाराष्ट्र) – फर्जी बैंक खातों से रकम ट्रांसफर
  • पवन बुरकुल (23, जालना, महाराष्ट्र) – कमीशन पर फर्जी बैंक खाते
  • रितेश बारहटे (महाराष्ट्र) – फर्जी कंपनी खाते से लेन-देन
  • साहिल महले (महाराष्ट्र) – कमीशन बेसिस पर फर्जी बैंक खाता
  • युवराज आठवले (महाराष्ट्र) – प्रमोशनल मैसेज भेजकर ठगी
  • राजू शर्मा (18, उत्तर प्रदेश) – यूट्यूब और सोशल मीडिया वीडियो से लोगों को जोड़ना
  • आकाश बरनवाल (24, उत्तर प्रदेश) – कमीशन लेकर फर्जी बैंक खाता
  • किशोर कुमार डोंतामाला (40, तेलंगाना) – फर्जी कंपनी बैंक खाते से लेन-देन
  • आनंद बड़ोनिया (37, मध्य प्रदेश) – शेयर ट्रेडिंग फ्रॉड योजनाबद्ध तरीके से करवाना
  • भवानी सिंह राजपूत (23, राजस्थान) – कमीशन बेसिस पर फर्जी बैंक खाता
  • भागीरथी महतो (21, ओडिशा) – फर्जी मैसेज भेजना और गिरोह में अन्य लोगों को जोड़ना

पुलिस की चेतावनी

रायपुर पुलिस ने नागरिकों से अपील की है कि शेयर ट्रेडिंग और ऑनलाइन पार्ट टाइम जॉब के नाम पर किसी भी संदिग्ध कॉल या संदेश से सतर्क रहें। किसी भी शंका या धोखाधड़ी की स्थिति में तुरंत नजदीकी साइबर थाना में शिकायत करें।

पुलिस महानिरीक्षक रायपुर रेंज, अमरेश मिश्रा ने बताया कि इस कार्रवाई के बाद भी ऐसे साइबर अपराधियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई जारी रहेगी