रायपुर। रायपुर पुलिस कमिश्नरेट को 60 नए उप निरीक्षक (SI) मिले हैं। बेसिक ट्रेनिंग पूरी करने के बाद इन प्रशिक्षु अधिकारियों को अब राजधानी के विभिन्न थानों में व्यावहारिक प्रशिक्षण के लिए पदस्थ किया गया है। इस संबंध में रायपुर पुलिस कमिश्नर ने आदेश जारी कर पदस्थापना सूची भी जारी कर दी है।
जारी आदेश के अनुसार प्रशिक्षु उप निरीक्षकों का फील्ड ट्रेनिंग कार्यक्रम 1 जून 2026 से 15 सितंबर 2026 तक चलेगा। इस दौरान उन्हें पुलिसिंग की विभिन्न प्रक्रियाओं और थाना स्तर के कार्यों का व्यावहारिक अनुभव दिया जाएगा।
प्रशिक्षण अवधि में अधिकारियों को बीट व्यवस्था, संतरी ड्यूटी, रात्रि गश्त, सिटी पेट्रोलिंग, मुल्जिम पेशी, मालखाना प्रबंधन, न्यायालयीन कार्य, थाना रिकॉर्ड संधारण और प्रचार शाखा सहित अन्य महत्वपूर्ण पुलिस कार्यों की जानकारी दी जाएगी। साथ ही उन्हें कनिष्ठ उप निरीक्षक और थाना प्रभारी अधिकारियों के साथ काम करने का अवसर भी मिलेगा।
पुलिस मुख्यालय नवा रायपुर और नेताजी सुभाषचंद्र बोस राज्य पुलिस अकादमी, चंदखुरी के निर्देशों के आधार पर इन अधिकारियों की विभिन्न थानों में तैनाती की गई है। सबसे अधिक तीन-तीन प्रशिक्षु SI की पदस्थापना खम्हारडीह, खमतराई, कबीर नगर, गोलबाजार, मौदहापारा, कोतवाली, सिविल लाइन, टिकरापारा, पंडरी, पुरानी बस्ती, राजेंद्र नगर, डीडी नगर, उरला, तेलीबांधा, आमानाका, आजाद चौक और गंज थानों में की गई है।
इसके अलावा गुढ़ियारी, मुजगहन, सरस्वती नगर और देवेंद्र नगर थानों में दो-दो प्रशिक्षु SI को प्रशिक्षण के लिए भेजा गया है।
पुलिस अधिकारियों के अनुसार प्रशिक्षण के दौरान नए SI को अपराध अनुसंधान, कानून-व्यवस्था प्रबंधन, शिकायतों के निराकरण, विवेचना प्रक्रिया और जनता से जुड़े मामलों को नजदीक से समझने का अवसर मिलेगा। अनुभवी थाना प्रभारियों और वरिष्ठ अधिकारियों के मार्गदर्शन में वे पुलिसिंग की व्यवहारिक बारीकियां सीखेंगे।
अधिकारियों का मानना है कि यह प्रशिक्षण अवधि नए उप निरीक्षकों के करियर की महत्वपूर्ण कड़ी होती है, जहां वे अकादमिक प्रशिक्षण को जमीनी स्तर पर लागू करना सीखते हैं। प्रशिक्षण पूर्ण होने के बाद ये अधिकारी प्रदेश की कानून-व्यवस्था को और अधिक मजबूत बनाने में अहम भूमिका निभाएंगे।
रायपुर कमिश्नरेट में 60 नए SI की तैनाती से पुलिस बल को अतिरिक्त मजबूती मिलने की उम्मीद जताई जा रही है, जिससे थानों में कार्यभार का बेहतर प्रबंधन और आम जनता को अधिक प्रभावी पुलिस सेवाएं मिल सकेंगी।







