July 23, 2026

लोक निर्माण विभाग की समीक्षा बैठक, सचिव मुकेश बंसल ने दिए समयबद्ध कार्यों के कड़े निर्देश

रायपुर। लोक निर्माण विभाग के सचिव मुकेश कुमार बंसल ने निर्माण भवन, नवा रायपुर में सभी मुख्य अभियंताओं, अधीक्षण अभियंताओं और कार्यपालन अभियंताओं की बैठक लेकर विभागीय कार्यों की विस्तृत समीक्षा की। बैठक में प्रमुख अभियंता वी.के. भतपहरी और अपर सचिव एस.एन. श्रीवास्तव भी मौजूद रहे, जबकि सभी संभागों के कार्यपालन अभियंता वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से जुड़े।

बैठक में सचिव बंसल ने स्पष्ट निर्देश दिए कि मार्च 2026 तक स्वीकृत सभी कार्यों के लिए 30 जून तक निविदा प्रक्रिया पूर्ण कर ली जाए और 31 जुलाई तक कार्यादेश जारी किए जाएं, ताकि वर्षा ऋतु के बाद निर्माण कार्य तेजी से शुरू हो सके।

उन्होंने भारतमाला परियोजना के तहत बनने वाली सड़कों को राज्य की सड़कों से जोड़ने के लिए फोरलेन सड़क योजना तैयार करने के निर्देश भी दिए, जिससे परियोजना का लाभ प्रदेश को अधिक व्यापक रूप से मिल सके।

सचिव ने वित्तीय वर्ष 2026-27 के अंतर्गत शामिल 36 द्रुतगामी सड़कों सहित दूरस्थ और पहुंचविहीन क्षेत्रों के लिए सड़क एवं पुल निर्माण कार्यों को प्राथमिकता देने को कहा। उन्होंने सभी कार्यों की प्राथमिक सूची 10 जून तक तैयार कर भेजने और 31 जुलाई तक प्राक्कलन प्रस्तुत करने के निर्देश दिए।

नक्सल प्रभावित क्षेत्रों में चल रही सड़क परियोजनाओं को लेकर उन्होंने स्पष्ट किया कि आरसीपीएलडब्ल्यूईए (Road Connectivity Project in Left Wing Extremism Areas) के कार्यों को हर हाल में 31 मार्च 2027 तक पूरा किया जाए।

बैठक में उन्होंने ठेकेदारों के कार्यों का समय पर मूल्यांकन कर भुगतान सुनिश्चित करने, लेकिन भुगतान से पहले सख्त सत्यापन करने के निर्देश दिए। साथ ही सभी कार्यों की पूर्णता प्रमाण पत्र और अंतिम बिल समय पर भेजने पर जोर दिया गया।

सचिव ने अधिकारियों को नियमित फील्ड निरीक्षण करने, डामरीकरण कार्यों की निगरानी करने और गुणवत्ता से किसी भी प्रकार का समझौता न करने के निर्देश दिए। उन्होंने सभी अधिकारियों को हर मंगलवार को कार्यालय में उपस्थित रहने को भी कहा।

इसके अलावा उन्होंने भू-अर्जन मामलों को मिशन मोड में तीन से छह महीने के भीतर निपटाने, सड़क मरम्मत कार्यों को बरसात से पहले युद्ध स्तर पर पूरा करने और विभागीय परिसंपत्तियों के डिजिटाइजेशन को तेजी से आगे बढ़ाने के निर्देश दिए।

बैठक में ई-ऑफिस प्रणाली, गति शक्ति पोर्टल अपडेट, न्यायालयीन प्रकरणों में समय पर जवाब, और निविदा से कार्यादेश तक की प्रक्रिया को अधिकतम तीन माह में पूरा करने पर भी जोर दिया गया।