रायपुर: छत्तीसगढ़ विधानसभा सत्र के पांचवें दिन सरकार की पुनर्वास नीति का सकारात्मक प्रभाव दिखा। मुख्यधारा में लौटे 120 नक्सलियों ने आज विधानसभा का भ्रमण किया, जिसमें 66 पुरुष और 54 महिलाएं शामिल थीं। इस दौरान मुख्यमंत्री विष्णु देव साय, गृहमंत्री विजय शर्मा, डीजीपी अरुण देव गौतम और अन्य मंत्रियों ने उनका स्वागत किया।
पुनर्वासित नक्सलियों ने सदन की कार्यवाही दर्शक दीर्घा से देखी और लोकतांत्रिक प्रक्रिया को करीब से समझा। मुख्यमंत्री ने उन्हें शुभकामनाएं देते हुए कहा कि बंदूक का रास्ता छोड़ लोकतंत्र अपनाना प्रदेश के लिए सुखद संकेत है। गृहमंत्री विजय शर्मा ने इसे “घर वापसी” करार दिया और आश्वासन दिया कि उनके पुनर्वास और विकास के लिए बेहतर कार्य किए जाएंगे।
मंत्रिमंडल के अन्य सदस्य और भाजपा प्रदेशाध्यक्ष ने भी नक्सलियों से मुलाकात की। मुख्यमंत्री ने यह भी कहा कि 31 मार्च 2026 तक नक्सल मुक्त छत्तीसगढ़ के लक्ष्य को पूरा करने के लिए राज्य सरकार लगातार प्रयासरत है और पुनर्वासित लोगों के लिए योजनाबद्ध तरीके से काम कर रही है।
आज विधानसभा से आई यह तस्वीर यह संदेश देती है कि हिंसा छोड़ने वाले और लोकतंत्र अपनाने वाले लोगों के लिए सरकार के दरवाजे खुले हैं।





