रायपुर। राजधानी रायपुर में शिक्षा के अधिकार (RTE) के तहत गरीब बच्चों को प्रवेश नहीं मिलने के मुद्दे पर कांग्रेस ने बड़ा विरोध प्रदर्शन किया। शहर जिला कांग्रेस अध्यक्ष श्रीकुमार मेनन के नेतृत्व में सैकड़ों कार्यकर्ता जिला शिक्षा अधिकारी (DEO) कार्यालय पहुंचे और घेराव कर जोरदार नारेबाजी की।
निजी स्कूलों पर लगाया आरोप
प्रदर्शन के दौरान कांग्रेस नेताओं ने आरोप लगाया कि निजी स्कूल प्रबंधन RTE के तहत पात्र बच्चों को एडमिशन देने से इनकार कर रहे हैं। इससे गरीब और वंचित वर्ग के बच्चों का शिक्षा का अधिकार प्रभावित हो रहा है।
नर्सरी से एडमिशन बंद करने पर विरोध
कांग्रेस ने कहा कि पहले RTE के तहत नर्सरी से लेकर 12वीं तक प्रवेश की सुविधा थी, लेकिन अब इसे कक्षा 1 से 12वीं तक सीमित कर दिया गया है। इस फैसले के कारण छोटे बच्चों को शुरुआती शिक्षा से वंचित होना पड़ रहा है, जो उनके भविष्य पर सीधा असर डाल सकता है।
सरकार के खिलाफ सख्त रुख
कांग्रेस प्रदेश अध्यक्ष दीपक बैज ने सरकार पर निशाना साधते हुए कहा कि यह फैसला सरकार की नाकामी को दर्शाता है। उन्होंने आरोप लगाया कि सरकार शिक्षा व्यवस्था को कमजोर कर रही है और गरीब बच्चों के अधिकारों की अनदेखी की जा रही है।
कांग्रेस की प्रमुख मांगें
कांग्रेस ने सरकार के सामने कई अहम मांगें रखीं—
- RTE के तहत नर्सरी से एडमिशन की व्यवस्था फिर से लागू की जाए
- सभी निजी स्कूलों में पात्र बच्चों को अनिवार्य रूप से प्रवेश दिया जाए
- नियमों का उल्लंघन करने वाले स्कूलों पर सख्त कार्रवाई हो
आंदोलन तेज करने की चेतावनी
प्रदर्शनकारियों ने चेतावनी दी है कि यदि जल्द ही इस मुद्दे पर ठोस निर्णय नहीं लिया गया, तो कांग्रेस आंदोलन को और तेज करेगी।
कांग्रेस ने इस पूरे मामले को गरीब बच्चों के भविष्य से जुड़ा गंभीर मुद्दा बताते हुए सरकार से तत्काल हस्तक्षेप की मांग की है।





