May 18, 2026

रायपुर हादसे पर सख्ती: सफाई कर्मचारी आयोग उपाध्यक्ष बोले—दोषियों पर होगी कड़ी कार्रवाई, पीड़ितों को मिलेगा न्याय

रायपुर। राजधानी रायपुर के रामकृष्ण केयर हॉस्पिटल में हुए दर्दनाक हादसे के बाद राष्ट्रीय सफाई कर्मचारी आयोग के उपाध्यक्ष हरदीप सिंह गिल ने सख्त रुख अपनाया है। रेडक्रॉस सभाकक्ष में आयोजित बैठक में उन्होंने स्पष्ट कहा कि मृतकों के परिजनों को हर संभव सहायता दिलाई जाएगी और दोषियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई सुनिश्चित की जाएगी। बैठक की शुरुआत में मृतकों को श्रद्धांजलि देने के लिए दो मिनट का मौन रखा गया।

गिल ने कहा कि सफाई कर्मचारियों की सुरक्षा सर्वोच्च प्राथमिकता होनी चाहिए और मैनुअल स्कैवेजिंग पूरी तरह प्रतिबंधित है। उन्होंने चेतावनी दी कि यदि किसी भी संस्था में नियमों का उल्लंघन पाया गया तो जिम्मेदारों पर सख्त कार्रवाई की जाएगी। उन्होंने नगर निगम को बिना सूचना सीवरेज सफाई न कराने और सभी सुरक्षा मानकों के पालन के निर्देश दिए।

बैठक में सफाई कर्मचारियों के लिए जागरूकता कैंप लगाने, पीपीई किट की उपलब्धता सुनिश्चित करने और नियमित स्वास्थ्य जांच कराने पर भी जोर दिया गया। उन्होंने निर्देश दिए कि सभी सफाईकर्मियों को न्यूनतम वेतन दिया जाए और हर छह महीने में उनका मेडिकल फिटनेस सर्टिफिकेट जारी किया जाए। साथ ही सभी कर्मचारियों का परिचय पत्र बनाकर उसमें ब्लड ग्रुप अंकित करने के निर्देश भी दिए गए।

हरदीप गिल ने मृतकों के परिजनों से मुलाकात कर उन्हें प्रधानमंत्री आवास योजना के तहत मकान उपलब्ध कराने के निर्देश दिए। साथ ही पुलिस को एफआईआर में एट्रोसिटी एक्ट के प्रावधान जोड़ने को कहा। उन्होंने अस्पताल प्रबंधन को मुआवजे और राहत से जुड़े सभी वादों को लिखित रूप में देने के निर्देश भी दिए।

नगर निगम आयुक्त विश्वदीप ने बैठक में बताया कि सभी संस्थानों में संबंधित कानूनों का पालन सुनिश्चित कराया जाएगा। सफाई कर्मचारियों के आयुष्मान कार्ड बनाए जा रहे हैं और इसके लिए हेल्थ ऑफिसर को नोडल अधिकारी नियुक्त किया गया है।

गौरतलब है कि रामकृष्ण केयर हॉस्पिटल में सेप्टिक टैंक की सफाई के दौरान जहरीली गैस की चपेट में आने से तीन मजदूरों—गोविंद सेंद्रे, अनमोल मांझी और प्रशांत कुमार—की मौत हो गई थी। इस घटना के बाद प्रशासन और संबंधित विभागों पर सवाल उठ रहे हैं।