March 3, 2026

रायपुर साहित्य उत्सव 2026: “आदि से अनादि तक” बना साहित्य और संस्कृति का जीवंत उत्सव

रायपुर, 28 जनवरी 2026:
नवा रायपुर के पुरखौती मुक्तांगन में आयोजित रायपुर साहित्य उत्सव 2026 – ‘आदि से अनादि तक’ ने छत्तीसगढ़ को साहित्य, संस्कृति और बौद्धिक विमर्श का राष्ट्रीय केंद्र बना दिया। मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय के नेतृत्व में यह उत्सव साहित्यकारों, कलाकारों और आम जनता को जोड़ने वाला एक सशक्त मंच साबित हुआ।

उद्घाटन दिवस (23 जनवरी):
प्रमुख आकर्षण था ‘चाणक्य’ नाटक, जिसे पद्मश्री से सम्मानित अभिनेता मनोज जोशी ने प्रस्तुत किया। नाटक केवल रंगमंचीय प्रस्तुति नहीं बल्कि नीति, प्रशासनिक विवेक और भारतीय बौद्धिक परंपरा का जीवंत दर्शन था।

दूसरा दिन (24 जनवरी):
मुख्यमंत्री साय ने साहित्य और संस्कृति के संवाहक के रूप में कार्यक्रम में हिस्सा लिया। अभिनेता नीतिश भारद्वाज से मुलाकात में बस्तर की जनजातीय कला से संबंधित उपहार भेंट किए गए। इसी दिन आयोजित “साहित्य: उपनिषद से एआई तक” परिचर्चा ने परंपरा और आधुनिक तकनीक के बीच संवाद स्थापित किया।

ओपन माइक मंच और लोकसंस्कृति:
ओपन माइक मंच ने बच्चों, युवाओं और बुजुर्गों को बराबरी का मंच दिया। पारंपरिक छत्तीसगढ़ी व्यंजन और सांस्कृतिक स्टॉलों ने उत्सव को और जीवंत बनाया।

सिनेमा और साहित्य का संगम:
सत्यजीत दुबे, राजीव भारद्वाज और मनोज वर्मा जैसे कलाकारों ने साहित्य और सिनेमा के बीच के गहरे रिश्ते को रेखांकित किया।

मुख्यमंत्री की प्रतिबद्धता:
उत्सव ने स्पष्ट किया कि छत्तीसगढ़ सरकार साहित्य, संस्कृति और लोक परंपराओं को संरक्षित और संवर्धित करने के लिए प्रतिबद्ध है। ‘आदि से अनादि तक’ केवल थीम नहीं बल्कि राज्य की सांस्कृतिक चेतना का प्रतीक बन गई है।