रायपुर। सीतापुर की घटना के बाद राज्य में तहसीलदारों और नायब तहसीलदारों के आंदोलन को लेकर सरकार और राजस्व अधिकारियों के बीच लगातार बातचीत जारी है। इसी क्रम में राजस्व मंत्री टंक राम वर्मा के सरकारी निवास पर कनिष्ठ प्रशासनिक संघ और राजस्व विभाग के अधिकारियों की महत्वपूर्ण बैठक आयोजित हुई, जिसमें राजस्व सचिव शम्मी आबिदी भी मौजूद रहीं।
बैठक के दौरान तहसीलदार संघ के प्रतिनिधियों ने अपनी विभिन्न मांगों और आपत्तियों को सरकार के समक्ष रखा। वहीं राजस्व मंत्री टंक राम वर्मा ने आश्वासन दिया कि सरकार मामले को गंभीरता से लेते हुए जल्द समाधान निकालने की दिशा में कार्य कर रही है।
यह विवाद सरगुजा जिले के सीतापुर में हुई उस घटना के बाद शुरू हुआ, जिसमें भाजपा विधायक रामकुमार टोप्पो और उनके समर्थकों पर नायब तहसीलदार तुषार मानिक से कथित मारपीट के आरोप लगे हैं। घटना के विरोध में राज्यभर के तहसीलदार और नायब तहसीलदार अनिश्चितकालीन कलमबंद हड़ताल और सामूहिक अवकाश पर चले गए हैं। अधिकारियों की प्रमुख मांगों में आरोपियों की तत्काल गिरफ्तारी शामिल है।
राजस्व मंत्री टंक राम वर्मा ने कहा कि राजस्व सचिव लगातार संघ के प्रतिनिधियों से चर्चा कर रही हैं और जल्द ही स्थिति सामान्य हो जाएगी। उन्होंने भरोसा जताया कि अधिकारी जल्द अपने कार्य पर लौटेंगे।
संघ का कहना है कि जब तक सीतापुर घटना में शामिल आरोपियों के खिलाफ कार्रवाई नहीं होती, तब तक आंदोलन जारी रहेगा। वहीं सरकार का दावा है कि बातचीत के माध्यम से समाधान निकालने की कोशिश की जा रही है।
राजस्व मंत्री ने यह भी कहा कि अधिकारी और कर्मचारी सरकार की योजनाओं के क्रियान्वयन में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं और सभी समस्याओं का समाधान आपसी संवाद से निकाला जाएगा। साथ ही उन्होंने यह भी संकेत दिया कि यदि कोई अधिकारी योजनाओं के क्रियान्वयन में बाधा डालता है तो उस पर कार्रवाई भी उचित है।
फिलहाल सरकार और संघ के बीच बातचीत जारी है और सभी की नजरें इस बात पर टिकी हैं कि क्या जल्द समझौता होता है या आंदोलन आगे और लंबा खिंचता है।





