रायपुर। राजधानी रायपुर में मानसून की पहली बारिश ने नगर निगम की तैयारियों की पोल खोल दी है। उप मुख्यमंत्री एवं नगरीय प्रशासन मंत्री अरुण साव के स्पष्ट निर्देशों के बावजूद शहर के कई इलाकों में जलभराव की स्थिति बन गई है। इसे लेकर नगर निगम के नेता प्रतिपक्ष आकाश तिवारी ने महापौर मीनल चौबे और निगम अधिकारियों पर गंभीर आरोप लगाए हैं।
तिवारी ने कहा कि पंडित रविशंकर शुक्ल वार्ड क्रमांक-34 के नूरानी चौक, राजातालाब और अरमान नाला क्षेत्र में लगातार जलभराव हो रहा है। उन्होंने दावा किया कि करीब दो माह पहले जोन क्रमांक-4 की समीक्षा बैठक में उन्होंने इन क्षेत्रों में जलभराव की आशंका जताते हुए नाले की मैनुअल सफाई कराने का सुझाव दिया था, लेकिन जोन कमिश्नर दिव्या चंद्रवंशी समेत संबंधित अधिकारियों ने इसे गंभीरता से नहीं लिया।
नेता प्रतिपक्ष के अनुसार पिछले चार वर्षों से गोविंद नगर-रविनगर से ऑक्सीजन अस्पताल होते हुए नूरानी चौक तक जाने वाले नाले की नियमित मैनुअल सफाई कराई जाती रही है, जिससे जलभराव की समस्या नहीं होती थी। इस वर्ष सफाई कार्य नहीं होने के कारण बारिश शुरू होते ही क्षेत्र जलमग्न हो गया।
आकाश तिवारी ने आरोप लगाया कि बरसात पूर्व तैयारियां केवल कागजों तक सीमित रह गईं। उन्होंने कहा कि न मुख्यमंत्री के निर्देशों का पालन हुआ और न ही महापौर के स्तर पर प्रभावी निगरानी की गई। उन्होंने नगर निगम आयुक्त संबित मिश्रा को भी इस संबंध में लिखित शिकायत देने की बात कही, लेकिन इसके बावजूद कोई ठोस कार्रवाई नहीं हुई।
तिवारी ने चेतावनी दी कि यदि समय रहते नालों की सफाई और जल निकासी की व्यवस्था नहीं की गई तो आगामी दिनों में भारी बारिश के दौरान स्थिति और गंभीर हो सकती है।
वहीं स्थानीय लोगों ने भी नगर निगम प्रशासन की कार्यप्रणाली पर सवाल उठाए हैं। उनका कहना है कि विकास और तैयारियों के बड़े-बड़े दावों के बावजूद जमीनी स्तर पर हालात बदतर हैं। जलभराव के कारण लोगों की आवाजाही प्रभावित हो रही है और दैनिक जीवन में परेशानियां बढ़ गई हैं।





