रायपुर | पूर्व आबकारी मंत्री कवासी लखमा को मिली जमानत के बाद छत्तीसगढ़ की सियासत गरमा गई है। उपमुख्यमंत्री विजय शर्मा द्वारा लखमा को ‘बलि का बकरा’ बताए जाने पर प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष दीपक बैज ने मोर्चा खोल दिया है। बैज ने कहा कि अगर भाजपा लखमा को बलि का बकरा मान रही है, तो वह परोक्ष रूप से स्वीकार कर रही है कि वे निर्दोष हैं और उन्हें साजिश के तहत जेल भेजा गया।
“भाजपा मांगे माफी”
दीपक बैज ने मीडिया से चर्चा में कहा, “अगर कवासी लखमा बलि का बकरा हैं, तो इसका मतलब भाजपा मानती है कि उन्हें बिना किसी दोष के जेल भेजा गया। अगर वे निर्दोष हैं, तो भाजपा को जनता और लखमा से माफी मांगनी चाहिए।” उन्होंने आगे कहा कि न्यायालय के फैसले ने साबित कर दिया है कि सत्य को परेशान किया जा सकता है, लेकिन पराजित नहीं। केंद्रीय एजेंसियों का दुरुपयोग कांग्रेस नेताओं को डराने के लिए किया जा रहा है।
धान खरीदी: “दो दिन का समय नाकाफी”
धान खरीदी की समय सीमा बढ़ाए जाने पर भी बैज ने सरकार को घेरा। उन्होंने कहा कि 162 लाख मीट्रिक टन के लक्ष्य के मुकाबले अभी भी 25 लाख मीट्रिक टन की खरीदी बाकी है।
- मांग: बैज ने दो दिन की बढ़ोत्तरी को ‘ऊंट के मुंह में जीरा’ बताते हुए समय सीमा को कम से कम 15 दिन और बढ़ाने की मांग की है।
- दावा: उन्होंने आरोप लगाया कि सरकार की खराब नीतियों के कारण किसान अब भी अपना धान नहीं बेच पाए हैं।
नक्सलवाद और राहुल-बृजमोहन मुलाकात पर टिप्पणी
- नक्सल खात्मा: मार्च 2026 तक नक्सलवाद खत्म करने के दावों पर बैज ने तंज कसते हुए कहा कि हमें उस वक्त का इंतजार करना चाहिए, तभी सरकार के दावों की सच्चाई पता चलेगी।
- बृजमोहन-राहुल मुलाकात: राहुल गांधी और बृजमोहन अग्रवाल की वायरल तस्वीर पर बैज ने इसे शिष्टाचार बताया। उन्होंने कहा कि बृजमोहन अग्रवाल वरिष्ठ नेता हैं, दुश्मन नहीं। संसद में मुलाकात एक अच्छी परंपरा है, लेकिन इसका मतलब यह नहीं कि कांग्रेस सरकार की नाकामियों पर चुप रहेगी।





