March 5, 2026

राजिम कुंभ कल्प 2026 का आयोजन 1 फरवरी से 15 फरवरी तक चौबेबांधा, राजिम में। राज्यपाल रमेन डेका करेंगे उद्घाटन। देशभर के संत-महात्मा होंगे उपस्थित।

रायपुर। छत्तीसगढ़ के प्रयागराज के नाम से विख्यात राजिम एक बार फिर धर्म, आस्था और सनातन संस्कृति के त्रिवेणी संगम का साक्षी बनने जा रहा है। माघ पूर्णिमा 1 फरवरी से महाशिवरात्रि 15 फरवरी 2026 तक राजिम कुंभ कल्प 2026 का भव्य आयोजन किया जाएगा।

इस वर्ष मेला नए मेला स्थल चौबेबांधा, राजिम में होगा। त्रिवेणी संगम पर इसका शुभारंभ रविवार शाम 6:30 बजे महाआरती से होगा। यहां अलग-अलग अस्थाई कुंड तैयार किए गए हैं और साधु-संतों के स्नान की व्यवस्था भी की गई है। शाही स्नान घाट 50 से 100 मीटर लंबा और आरती घाट लगभग 120 मीटर लंबा बनाया गया है। सांस्कृतिक कार्यक्रमों के लिए भव्य मंच और महानदी में लक्ष्मण झूला के ठीक नीचे अस्थाई सड़क बनाई गई है, जहां कई दुकानें लगाई जाएंगी।

श्रद्धालुओं के लिए स्पेशल ट्रेनें

रेलवे प्रशासन ने श्रद्धालुओं की सुविधा के लिए 1 फरवरी से 15 फरवरी तक दो स्पेशल ट्रेनें चलाने का निर्णय लिया है। ये ट्रेनें मंदिर हसौद, सीबीडी, केंद्री, अभनपुर, मानिकचौरी और राजिम में रुकेगी।

  • गाड़ी 08755: रायपुर से 11:55 बजे रवाना होकर 13:20 बजे राजिम पहुंचेगी।
  • गाड़ी 08756: राजिम से 2 बजे रवाना होकर 3:30 बजे रायपुर पहुंचेगी।
  • गाड़ी 08757: रायपुर से 2:30 बजे रवाना होकर 4 बजे राजिम पहुंचेगी।

राज्यपाल करेंगे उद्घाटन

राजिम कुंभ कल्प 2026 का शुभारंभ राज्यपाल रमेन डेका के करकमलों से होगा। उद्घाटन समारोह की अध्यक्षता पर्यटन और संस्कृति मंत्री राजेश अग्रवाल करेंगे। इस अवसर पर रायपुर सांसद बृजमोहन अग्रवाल, महासमुंद सांसद रूपकुमारी चौधरी, कुरूद विधायक अजय चन्द्राकर, राजिम विधायक रोहित साहू सहित जिले एवं आसपास के जनप्रतिनिधियों की उपस्थिति रहेगी।

देशभर के संत-महात्माओं का दिव्य समागम

शुभारंभ अवसर पर देशभर से प्रतिष्ठित संत-महात्मा उपस्थित होंगे। प्रमुख संतों में शामिल हैं:

  • दंडी स्वामी डॉ. इन्दुभवानन्द तीर्थ
  • दंडी स्वामी सच्चिदानंद तीर्थ
  • महंत रामसुंदर दास, महंत नरेन्द्र दास
  • स्वामी राजीव लोचन दास, स्वामी विराम देवाचार्य
  • आचार्य स्वामी राकेश, साध्वी महंत प्रज्ञा भारती
  • संत कौशलेन्द्र राम, बालयोगेश्वर रामबालक दास
  • महंत सर्वेश्वर दास, स्वामी डॉ. राजेश्वरानन्द
  • संत परमात्मानन्द, संत युधिष्ठिर लाल, संत गोकुल गिरि
  • प्रजापिता ब्रह्मकुमार नारायण भाई, ब्रह्मकुमारी पुष्पा बहन, हेमा बहन

मुख्य आकर्षण: महानदी आरती, सांस्कृतिक संध्या और सत्संग

  • प्रतिदिन शाम 6:30 बजे महानदी आरती
  • शाम 4 बजे से सांस्कृतिक कार्यक्रम
  • शाम 7 बजे मुख्य मंच पर विविध आयोजन
  • 9 से 11 फरवरी: पंडोखर सरकार संत गुरूशरण जी महाराज का सत्संग दरबार, शाम 4 बजे से रात 9 बजे तक