राजनांदगांव। शासकीय पट्टे की भूमि को सक्षम अधिकारी की अनुमति के बिना बेचने के मामले में कलेक्टर न्यायालय राजनांदगांव ने बड़ा फैसला सुनाया है। ग्राम डुंडिया, पटवारी हल्का नंबर-13, तहसील घुमका में शासकीय पट्टे से प्राप्त भूमि की अवैध बिक्री के मामले में कार्रवाई करते हुए संबंधित पट्टों को तत्काल प्रभाव से निरस्त करने का आदेश दिया गया है। साथ ही जमीन को वर्ष 1981-82 से पूर्व की स्थिति के अनुसार शासकीय घांस भूमि (चराई) के रूप में दर्ज करने के निर्देश दिए गए हैं।
16 पट्टाधारियों के खिलाफ हुई कार्रवाई
यह मामला आवेदक/शिकायतकर्ता चंदूदास साहू एवं अन्य ग्रामवासियों की शिकायत पर दर्ज किया गया था। शिकायत के आधार पर उमा बाई एवं अन्य 16 के विरुद्ध प्रकरण चलाया गया। आरोप था कि ग्राम डुंडिया की शासकीय पट्टे से प्राप्त जमीन को बिना कलेक्टर की अनुमति के अन्य व्यक्तियों को बेच दिया गया।
मामले में सभी पट्टाधारियों और जमीन खरीदने वाले व्यक्तियों को सुनवाई का अवसर दिया गया तथा संबंधित दस्तावेज और साक्ष्य प्रस्तुत करने के निर्देश दिए गए।
सक्षम अधिकारी की अनुमति का दस्तावेज नहीं मिला
कलेक्टर न्यायालय के आदेश के अनुसार, सुनवाई के दौरान किसी भी पट्टाधारी या वर्तमान भूमिस्वामी की ओर से जमीन बिक्री के लिए सक्षम अधिकारी की पूर्व अनुमति से संबंधित कोई दस्तावेज प्रस्तुत नहीं किया गया।
आदेश में कहा गया कि शासकीय पट्टाधारियों द्वारा छत्तीसगढ़ भू-राजस्व संहिता, 1959 की धारा 158(3) तथा धारा 165(7ख) उपधारा (1) का उल्लंघन किया गया है। इसके चलते संबंधित पट्टे निरस्त कर जमीन को शासकीय घांस भूमि (चराई) के रूप में दर्ज करने का आदेश दिया गया।
यह आदेश 2 सितंबर 2026 को पारित किया गया है।
इन खसरों की जमीन पर हुई कार्रवाई
कलेक्टर न्यायालय के आदेश के तहत निम्न भूमि पर कार्रवाई की गई है—
- खसरा नंबर 353/9 — 0.1500 हेक्टेयर
- खसरा नंबर 282/2 — 0.5780 हेक्टेयर
- खसरा नंबर 279/2 — 0.4970 हेक्टेयर
- खसरा नंबर 281/1 — 1.0600 हेक्टेयर
- खसरा नंबर 282/4 — 0.4050 हेक्टेयर
- खसरा नंबर 281/2 — 0.1290 हेक्टेयर
- खसरा नंबर 353/2 — 1.6190 हेक्टेयर
- खसरा नंबर 353/3 — 1.3640 हेक्टेयर
- खसरा नंबर 353/5 — 0.1380 हेक्टेयर
- खसरा नंबर 353/6 — 1.2140 हेक्टेयर
- खसरा नंबर 353/7 — 0.2870 हेक्टेयर
- खसरा नंबर 353/8 — 0.4050 हेक्टेयर





