राजनांदगांव। अंतरराष्ट्रीय हॉकी स्टेडियम की बदहाल व्यवस्था खिलाड़ियों के लिए परेशानी का कारण बन गई है। स्टेडियम में लगे एस्ट्रोटर्फ की सफाई और रखरखाव के लिए स्थापित स्प्रिंकलर मशीन खराब हो चुकी है, जिसके चलते खिलाड़ी खुद बाल्टी से पानी डालकर टर्फ में जमी काली मिट्टी साफ करने को मजबूर हैं।
खराब स्प्रिंकलर से बढ़ी परेशानी
वर्ष 2012-13 में ऑस्ट्रेलिया की एक कंपनी द्वारा स्टेडियम में एस्ट्रोटर्फ बिछाया गया था। टर्फ को सुरक्षित रखने और नियमित रूप से पानी देने के लिए इसके चारों ओर स्प्रिंकलर सिस्टम लगाया गया था। वर्तमान में यह मशीन खराब हो चुकी है।
जानकारी के अनुसार, एस्ट्रोटर्फ, स्प्रिंकलर सिस्टम और अन्य सुविधाओं सहित इस परिसर पर करीब 21 करोड़ रुपए खर्च किए गए थे।
काली मिट्टी जमने से फिसल रहे खिलाड़ी
टर्फ पर जगह-जगह काली मिट्टी जम गई है, जिससे खेल के दौरान खिलाड़ियों के फिसलने का खतरा बना रहता है। टर्फ की सफाई के लिए पर्याप्त व्यवस्था नहीं होने के कारण खिलाड़ी स्वयं पानी लाकर मिट्टी हटाने का प्रयास कर रहे हैं।
बताया जा रहा है कि आसपास के कारखानों से निकलने वाली काली मिट्टी और धूल टर्फ पर लगातार जमा हो रही है।
पहले टैंकर और मशीन से हुई थी सफाई
दिसंबर में आयोजित खेल प्रतियोगिता से पहले विभाग द्वारा दिल्ली से विशेष मशीन मंगाकर टर्फ की सफाई कराई गई थी। नगर निगम के टैंकर से पानी उपलब्ध कराकर प्रेशर मशीन के जरिए सफाई की गई थी।
हालांकि, वर्तमान में स्थिति फिर पहले जैसी हो गई है। टर्फ के चारों ओर काली मिट्टी की मोटी परत जम गई है, जिसे हटाने के लिए खिलाड़ी रोजाना प्रयास कर रहे हैं।
नई एस्ट्रोटर्फ लगाने की मांग
वर्ष 2013 में इस मैदान पर पहली बार हॉकी मैच खेला गया था। खिलाड़ियों का कहना है कि वर्तमान एस्ट्रोटर्फ अब पुराना हो चुका है और मिट्टी जमने के कारण खेलना जोखिमभरा होता जा रहा है।
वर्ष 2021-22 में एस्ट्रोटर्फ बदलने के साथ पवेलियन, फ्लड लाइट और शेड लगाने के लिए सर्वे भी कराया गया था, लेकिन अब तक कई कार्य पूरे नहीं हो सके हैं।
पवेलियन की कुर्सियां भी टूटीं
स्टेडियम के पवेलियन क्षेत्र में लगी कई कुर्सियां भी रखरखाव के अभाव में टूटने लगी हैं। खिलाड़ियों का कहना है कि उन्होंने कई बार अधिकारियों से नई एस्ट्रोटर्फ और बेहतर रखरखाव की मांग की, लेकिन अब तक प्रक्रिया आगे नहीं बढ़ सकी है।
अंतरराष्ट्रीय स्तर के इस हॉकी स्टेडियम की मौजूदा स्थिति को देखते हुए खिलाड़ी जल्द से जल्द स्प्रिंकलर सिस्टम की मरम्मत, टर्फ की सफाई और नई एस्ट्रोटर्फ लगाने की मांग कर रहे हैं।





