May 18, 2026

नाबालिग प्रसूति कांड: कृष्णा हॉस्पिटल का लाइसेंस रद्द करने की सिफारिश, डायरेक्टर डॉ. पंसारी पर गंभीर आरोप

राजनांदगांव। नाबालिग प्रसूति और अस्पताल की लापरवाही से जुड़े चर्चित मामले में पुलिस ने बड़ी कार्रवाई करते हुए कृष्णा हॉस्पिटल और उसके डायरेक्टर डॉ. दीपक पंसारी के खिलाफ सख्त कदम उठाया है। पुलिस अधीक्षक अंकिता शर्मा ने नेशनल मेडिकल कमीशन को पत्र भेजकर अस्पताल का लाइसेंस और डॉक्टर का मेडिकल रजिस्ट्रेशन रद्द करने की सिफारिश की है।

अस्पताल में चल रही थीं अवैध गतिविधियां
पुलिस जांच में सामने आया है कि कृष्णा हॉस्पिटल में संगठित तरीके से आपराधिक गतिविधियां संचालित की जा रही थीं। बोरतलाब थाने में इस मामले में बीएनएस की धाराओं के साथ पॉक्सो एक्ट और जुवेनाइल जस्टिस एक्ट के तहत अपराध दर्ज किया गया है।

जांच में यह भी खुलासा हुआ कि अस्पताल में अवैध प्रसव कराए जा रहे थे और जन्म संबंधी रिकॉर्ड में हेरफेर कर फर्जी दस्तावेज तैयार किए जा रहे थे। नाबालिग पीड़िता से जुड़े कई गंभीर तथ्य छिपाए गए।

डायरेक्टर की भूमिका पर सवाल
पत्र में कहा गया है कि अस्पताल के डायरेक्टर होने के नाते डॉ. दीपक पंसारी पर पूरी जिम्मेदारी थी, लेकिन उनके कार्यकाल में ही यह अवैध गतिविधियां जारी रहीं। इससे उनकी भूमिका पर गंभीर संदेह जताया गया है। पुलिस ने उन्हें पहले ही गिरफ्तार कर लिया है।

मुख्य साजिशकर्ता फरार
जांच के दौरान डॉ. विजय राज नामक व्यक्ति की भूमिका भी सामने आई है, जिसे इस पूरे मामले का मुख्य साजिशकर्ता बताया जा रहा है। फिलहाल वह फरार है और पुलिस उसकी तलाश में जुटी हुई है।

2000 रुपये में कराए जा रहे थे प्रसव
जांच में एक चौंकाने वाला खुलासा यह भी हुआ कि अस्पताल में डॉक्टरों को प्रति डिलीवरी मात्र 2000 रुपये देकर प्रसव कराया जा रहा था। इसे स्वास्थ्य व्यवस्था के लिए बेहद खतरनाक बताया गया है।

कड़ी कार्रवाई की मांग
एसपी अंकिता शर्मा ने नेशनल मेडिकल कमीशन से मांग की है कि डॉ. पंसारी का लाइसेंस तत्काल निलंबित या रद्द किया जाए और अस्पताल का संचालन बंद किया जाए। साथ ही सभी दोषी डॉक्टरों के खिलाफ अनुशासनात्मक कार्रवाई की जाए।

10 आरोपी गिरफ्तार
इस मामले में अब तक एक नाबालिग सहित 10 आरोपियों को गिरफ्तार कर न्यायिक अभिरक्षा में भेजा जा चुका है। पुलिस आगे की जांच में जुटी है और अन्य आरोपियों की तलाश जारी है।