राजनांदगांव:
जिले के नंदई क्षेत्र में 31 अगस्त 2022 को हुए बहुचर्चित दोहरे हत्याकांड मामले में अदालत ने करीब चार साल बाद बड़ा फैसला सुनाते हुए 11 आरोपियों को दोषी करार दिया है। सभी दोषियों को आजीवन कारावास और अर्थदंड की सजा सुनाई गई है।
अदालत ने सुनवाई के दौरान पाया कि यह मामला साधारण विवाद नहीं, बल्कि सुनियोजित और सामूहिक हमला था। आरोपियों ने विकास उर्फ कन्हैया सारथी पर चाकू, तलवार और डंडों से हमला किया, जिससे उसकी मौके पर ही मौत हो गई।
घटना के दौरान बीच-बचाव करने पहुंचे जितेंद्र साहू को भी हमलावरों ने नहीं छोड़ा और उसे कन्हैया का साथी समझकर चाकू मार दिया। गंभीर रूप से घायल जितेंद्र की इलाज के दौरान मौत हो गई, जिससे मामला दोहरे हत्याकांड में बदल गया।
घटना के बाद पुलिस ने मौके से खून से सनी मिट्टी, हथियार और अन्य साक्ष्य जब्त किए। साथ ही आसपास के घरों से DVR (CCTV) फुटेज भी कब्जे में लेकर जांच को मजबूत किया गया। गवाहों के बयान, मेमोरेंडम और फॉरेंसिक रिपोर्ट ने केस को निर्णायक दिशा दी।
जांच पूरी होने के बाद पुलिस ने भारतीय दंड संहिता की धारा 147, 148, 149, 302, 120-बी और आर्म्स एक्ट के तहत चालान पेश किया। अदालत में यह साबित हुआ कि आरोपी पूर्व नियोजित तरीके से हथियारों के साथ घटना को अंजाम देने पहुंचे थे।
दोषी ठहराए गए आरोपियों में मोहन लाल यादव, छगन उर्फ बिल्लू उर्फ कल्लू साहू, सोहेल खान उर्फ सोनू, दुर्गेश उर्फ दुग्गू नेताम, ओमप्रकाश सिन्हा उर्फ राजा, रूपेश उर्फ लक्की नेताम, कुशल साहू उर्फ भैरव, सुनील यादव उर्फ सेठी, प्रशांत उर्फ गोलू पवार, अमित गोंड और पुलकित केमे शामिल हैं।
वहीं साक्ष्य के अभाव में सुमित यादव और राहुल उर्फ लक्ष्मण पवार को अदालत ने बरी कर दिया।





