राजनांदगांव। पुलिस और आमजन के बीच विश्वास, संवाद और जनसहभागिता को मजबूत करने के उद्देश्य से राजनांदगांव पुलिस ने “पहल” अभियान की शुरुआत की है। पुलिस अधीक्षक अंकिता शर्मा के नेतृत्व में शुरू किए गए इस जन-केंद्रित अभियान का शुभारंभ पुलिस लाइन में हुआ। कार्यक्रम में विधानसभा अध्यक्ष डॉ. रमन सिंह मुख्य अतिथि के रूप में शामिल हुए। इस दौरान सांसद संतोष पांडेय, महापौर मधुसूदन यादव सहित कई जनप्रतिनिधि और गणमान्य नागरिक मौजूद रहे।
कार्यक्रम में करीब 2600 लोगों ने भागीदारी की, जिनमें 550 कोटवार, 1000 ग्रामवासी, 400 प्रतियोगी परीक्षा अभ्यर्थी, 500 से अधिक यातायात मित्र और 111 गुड समैरिटन्स शामिल रहे।
विद्यार्थियों के लिए ‘पहल रीडिंग रूम’
प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी करने वाले युवाओं के लिए “पहल रीडिंग रूम” की शुरुआत की गई है। यह सुविधा विशेष रूप से झुग्गी-बस्तियों, अटल आवास कॉलोनियों और आर्थिक रूप से कमजोर वर्ग के विद्यार्थियों को ध्यान में रखकर शुरू की गई है, ताकि उन्हें पढ़ाई के लिए शांत और अनुकूल वातावरण मिल सके।

नि:शुल्क कोचिंग और मेंटरशिप कार्यक्रम
राजनांदगांव पुलिस लाइन में प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी करने वाले विद्यार्थियों के लिए नि:शुल्क कोचिंग संस्थान शुरू किया जाएगा। प्रतिदिन सुबह 7 से 10 बजे तक चलने वाली इस व्यवस्था में नव नियुक्त उप निरीक्षक और विषय विशेषज्ञ मार्गदर्शन देंगे। साथ ही “पहल मेंटरशिप कार्यक्रम” के तहत पुलिस अधिकारियों को विद्यार्थियों का मेंटर बनाया जाएगा।
अपराधमुक्त गांवों के सम्मान में वृक्षारोपण
कार्यक्रम के दौरान वर्ष 2024, 2025 और 2026 में अपराधमुक्त रहे 164 गांवों के सम्मान में वृक्षारोपण अभियान शुरू किया गया। इसके साथ ही अपराधमुक्त ग्रामों के सरपंचों, पटेलों और ग्राम प्रतिनिधियों का सम्मेलन आयोजित कर उनके अनुभव साझा किए गए।
कोटवार और यातायात मित्र सम्मेलन
ग्रामीण सूचना तंत्र को मजबूत बनाने के लिए कोटवार सम्मेलन आयोजित किया गया। वहीं जिले के 500 से अधिक यातायात मित्रों ने भी कार्यक्रम में हिस्सा लिया। ये लोग सड़क दुर्घटनाओं के दौरान ‘गोल्डन ऑवर’ में घायलों की मदद और पुलिस को सूचना देने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं।
111 गुड समैरिटन्स का सम्मान
कार्यक्रम में वर्ष 2025 के 111 गुड समैरिटन्स को सम्मानित किया गया। इन लोगों ने सड़क दुर्घटनाओं के दौरान तत्परता दिखाते हुए घायलों की मदद कर कई लोगों की जान बचाई थी।
राजनांदगांव पुलिस का कहना है कि “पहल” केवल एक कार्यक्रम नहीं, बल्कि शिक्षा, जनसहभागिता और सामुदायिक पुलिसिंग के माध्यम से सामाजिक बदलाव लाने का सतत प्रयास है।





